इस खतनाक रोड पर बाइक दौड़ाने वाली उत्तराखंड की पहली लड़की बनी सुचेता

0

देहरादून। उतराखंड की बेटी ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरे राज्य को गौरवांवित महसूस कराया। चमोली के जोशीमठ निवासी महेश सती की बड़ी बेटी सुचेता ने खारदुंग ला दर्रा (पास) टॉप पर बाइक चलाने का नया रिकॉर्ड बनाया। बता दें यहां ऐसा करने वाली सुचेता पहली लड़की है।

खारदुंग ला दर्रा हिमालय स्थित एक दर्रा है। यह समुद्र तल से लगभग 5602 मीटर (18,380 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है।

HC ने कसा सरकार का पेंच, अब उत्तराखंड में नहीं पूरा…

उतराखंड की बेटी

यह परिवहन योग्य भारत और संभवत: विश्व का सबसे ऊंचा दर्रा है लेकिन इसकी ऊंचाई विवादित भी है। यह दर्रा मध्य एशिया में कशगर को लेह से जोड़ने वाला ऐतिहासिक मार्ग भी है।

खबरों के मुताबिक़ बाइक चलाने के इस जुनून के चलते सुचेता ने खारदुंग ला टॉप पर जाने वाली सबसे कम उम्र और उत्तराखंड की पहली बाइकर्स गर्ल का खिताब अपने नाम दर्ज कराया। इससे पहले दिल्ली की 20 वर्षीय रिया खारदुंग ला दर्रा टॉप पर गई थीं।

डीएवी की बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा सुचेता इससे पहले बाइक से औली, हर्षिल, धर्मशाला जा चुकी हैं। उन्हें ट्रैकिंग का भी काफी शौक है।

पीएम मोदी के साथ योग करने की चाहत में कुछ ऐसा…

वह चंगबंग पीक व फूलों की घाटी भी जा चुकी हैं। वह बताती हैं कि अब उनका अगला लक्ष्य कश्मीर से कन्याकुमारी तक बाइक से सफर करने का है।

सुचेता ने बताया कि आईएएस एकेडमी के डीएस रावत की पहल पर 10 जून को देहरादून से 11 सदस्यीय दल करीब पांच हजार किमी दूर खारदुंगला टॉप के लिए निकला। दल में 10 लड़कों के साथ सुचेता अकेली सबसे कम उम्र की लड़की थी।

सुचेता बतातीं हैं कि 10 जून को दल 650 किमी की दूरी तय कर 12 घंटे में पटनी टॉप पहुंचा। दूसरे दिन दल कारगिल के लिए रवाना हुआ।

इसके बाद 18 हजार 380 फीट की दूरी तय कर 15 जून को खारदुंग ला दर्रा पार कर टॉप पर पहुंचे और 22 जून को मनाली होते हुए देहरादून पहुंची।

इस बीच रास्ते में रोहतांग दर्रा, केलांग, लांगलांगल, बारलाचला, सर्चू, पांग, मोरेडेजर्ट, लेह, नुब्रा घाटी आदि स्थानों से होकर दल आगे बढ़ा।

वह बताती हैं कि दल के सदस्य प्रतिदिन करीब चार सौ किमी बाइक चलाते थे। चांग्ला में सड़क टूटी हुई थी। ऐसे में कड़ाके की ठंड में खड़ी चढ़ाई पर बाइक चलाना काफी मुश्किल था, लेकिन दल के लीडर जैक्सन लोचन व अन्य साथी पंकज, मानव, आनंद, आकाश, किशन, प्रशांत व अभिषेक ने हौसला नहीं हारने दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

बता दें सुचेता सती ने महज 14 साल की उम्र में बाइक चलाना सीख लिया था। उन्हें छोटी उम्र से ही बाइक चलाने का शौक था।

loading...
शेयर करें