यूपी में गन्ने की मिठास में कमी, घट सकता है चीनी उत्पादन

गन्ने में चीनी का परता पिछले वर्षों की तुलना में एक फीसद कम

सहारनपुर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार के चीनी मिलों के पेराई सत्र में चौकाने वाली बात सामने आई है कि अबकी गन्ने में चीनी की मिठास कम हुई है। जानकारी के मुताबिक गन्ने में चीनी का परता पिछले वर्षों की तुलना में एक फीसद कम हुआ है।

चीनी उत्पादन में गिरावट

जिला गन्नाधिकारी कृष्णमोहन मणि त्रिपाठी और कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर के प्रभारी डॉ. आई के कुशवाहा ने बताया कि इस बार गन्ने में चीनी का परता पिछले वर्षों की तुलना में एक फीसद कम हुआ है। इसका असर चीनी उत्पादन पर भी पड़ेगा। जाहिर है गन्ने में शुगर की मात्रा कम होने से पिछले वर्ष की तुलना में चीनी उत्पादन में गिरावट आएगी।

गन्ने में चीनी का परता

जिला गन्नाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष 2019-20 में नवंबर माह में गन्ने में चीनी का परता 9.61 प्रतिशत था। 2018-19 में 9.38 था और 2017-18 में 9.37 प्रतिशत था। इस बार मौजूदा पेराई सत्र में गन्ने में चीनी का परता 8.87 प्रतिशत दर्ज किया जा रहा है।

सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी

इस बारे में कृषि वैज्ञानिक आईके कुशवाहा का कहना था कि पोक्का बोईंग, टाप बोरर, रेड राट आदि बीमारियों और खेतों की मिट्टी में जीवांस कार्बन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से गन्ने में मिठास कम हुई है। आने वाले दो-महीनों के दौरान गन्ने में चीनी की मिठास में वृद्धि संभावित है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे गन्ने में लगी बीमारियों का उपचार करें और फसल पर जरूरी कीटनाशकों दवाओं का छिड़काव करें।

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