परिवार के साथ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा अपना दर्द

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वाराणसी:वाराणसी में रहने वाले पंखा कारोबारी चेतन तुलस्यान ने अपनी पत्नी व बच्चों सहित आत्महत्या कर ली। इसके बाद उनके कमरे मिले सुसाइड नोट में दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया। जिसमे “अधूरी कहानी पर खामोश लबों का पहरा है… चोट रूह की है इसलिए दर्द जरा गहरा है…।” लिखा था। इस सुसाइड नोट के मिलने से यह लग रहा है, कि दोनों बहुत पहले से सुसाइड करने की तैयारी कर रहे थे।

फोरेंसिक टीम के अनुसार, सुसाइड नोट बहुत ही आराम से और अलग-अलग दिनों में पेन और स्केच से लिखा गया है। बता दें कि यह पूरा वाकया वाराणसी के मुकीमगंज क्षेत्र के नचनीकुआं मुहल्ला का है। आत्महत्या के लिए सबसे पहले चेतन ने अपनी पत्नी और फिर अपने बच्चों को तैयार किया। उसके बाद बीती 22 जनवरी को चेतन ने स्टैंप युक्त शपथ पत्र बनवाकर उसका लेमिनेशन कराया।

चेतन ने शपथ पत्र में लिखा कि उसके हिस्से की जायदाद उसके ससुराल के श्रीराम खेमका को दे दी जाये। क्योकि उन्होंने बहुत मदद की थी। पिता ने तो पहले ही कह रखा है की वह उसके बच्चों को कुछ नहीं देंगे।

इसी के साथ ही ऋतु ने लिखा कि 20 साल पहले वह जब शादी करके ससुराल आयी। उसके बाद पता चला कि यह परिवार बाहर से जैसा दिखता है वैसा अन्दर से नहीं है। शादी के बाद पता लगा कि पति आंखों की कम होती रोशनी की लाइलाज बीमारी से पीड़ित हैं। जिसके चलते ससुर और देवर ने उन्हें पंखे के व्यापार से हटाकर पांच हजार रुपये का कर्मचारी बना दिया।

ससुराल में हमेशा ही सौतेलों जैसा व्यवहार किया गया। इसके साथ ही सास और ससुर ने कभी भी हमारी परेशानियों के बारे में नहीं पूछा। मायके न ने ही हमेशा मदद की। ससुराल में हर तरफ से असहयोग और उपेक्षा ही मिली।

इतनी ज्यादा उपेछाओं के चलते कई बार घर छोड़ कर जाने के लिए भी सोचा लेकिन ऐसा कर न सकी। मकान को लेकर चेतन को जबसे उनके पिता थाने ले गए, तबसे वह अपने आपको कमरे में बंद करके रखते थे। इन सभी तकलीफों के चलते मैंने अपने पति और प्यारे बच्चों के साथ मिलकर दुनिया छोड़ने का निर्णय ले रही हूँ।

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