सुमारिवाला तीसरी बार बने AFI के अध्यक्ष, अंजू जॉर्ज को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया

AFI की शनिवार को हुई वार्षिक बैठक में यह निर्णय लिया गया है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद सुमारिवाला ने कहा, “हम भारत को ओलंपिक पदक जिताने के लिए हरसंभव प्रयास करते रहेंगे।

गुड़गांव: ओलंपियन आदिल जे सुमारिवाला को तीसरी बार भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) का अध्यक्ष चुना गया है जबकि विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र पदक विजेता अंजू बॉबी जॉर्ज को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया है।

AFI की शनिवार को हुई वार्षिक बैठक में यह निर्णय लिया गया है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद सुमारिवाला ने कहा, “हम भारत को ओलंपिक पदक जिताने के लिए हरसंभव प्रयास करते रहेंगे। हम युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से इस दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं।”

वर्ष 2003 की विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अंजू जॉर्ज ने कार्यकारिणी परिषद में महिला सदस्यों की बढ़ती संख्या पर खुशी जाहिर करते हुये कहा कि वह अपनी नई क्षमता के साथ खेल के विकास के लिए अपनी सेवा देने को लेकर उत्साहित हैं।

लंबी दूरी की पूर्व धाविका सुमन रावत मेहता को उपाध्यक्ष चुना गया

इसके अलावा चार साल के कार्यकाल के लिए लंबी दूरी की पूर्व धाविका सुमन रावत मेहता को उपाध्यक्ष, पूर्व मध्यम दूरी की धाविका सी लता को संयुक्त सचिव और ए हाइमा को कार्यकारी परिषद सदस्य चुना गया है। इन महिला सदस्यों को कार्यकारी परिषद का सदस्य चुना गया है। इसके अलावा रविंदर चौधरी को सचिव और मधुकांत पाठक को कोषाध्यक्ष चुना गया है।

एथलीट के रूप में देश की सेवा की

जाॅर्ज ने कहा कि उनके लिए एएफआई में नेतृत्व संभालने का यह सही समय है। उन्होंने कहा, “मैंने इससे पहले कई अन्य भूमिकाएं निभाई हैं । मैंने एक एथलीट के रूप में देश की सेवा की है। मेरा मानना है कि मैं भारत को आगे ले जाने के लिए एथलीटों और कोचों के साथ अच्छे से तालमेल बिठा सकती हूं।”

AFI की वार्षिक दो दिवसीय बैठक के पहले दिन उम्र में धोखाधड़ी, डोपिंग और ओवर-ट्रेनिंग समेत कुछ मुख्य मुद्दे भी उठाये गये। इस दौरान इस बात पर सहमति जताई गई कि AFI ने आयु-धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई कदम उठाये हैं और राज्य एवं जिला संघों को इस दिशा में अधिक सक्रिय होने की जरूरत है।

सुमारिवाला को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए अध्यक्ष पद पर चुने जाने की वैधता को लेकर कुछ गैर-सदस्यों की तरफ से उठाये गये सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुये AFI ने स्पष्ट किया कि एएफआई के नियम-संग्रह में इस चीज की अनुमति है। एएफआई की अबतक की परंपरा के तहत इसके सभी सदस्यों को निर्विरोध चुना गया है।

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