साफ करो दिल्‍ली की हवा, मिलकर लो क्रेडिट

supreme-court

नई दिल्ली। दिल्‍ली सरकार भले प्रदूषण कम करने के लिए ऑड-इवेन फार्मूला अपनाने जा रही हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट इन कोशिशों से नाखुश हैं। कोर्ट ने केजरीवाल और मोदी सरकार पर एक साथ टिप्‍पणी की है।

कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रदूषण रोकने के लिए मिलकर काम करें। दिल्ली में प्रदूषण के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र और दिल्ली सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आप दोनों क्यों नहीं साथ बैठकर दिल्ली के वातावरण को साफ करने का समाधान निकालते। ये क्रेडिट आप अपने हाथ में क्यों नहीं लेते। आप ये मौका हाथ से क्यों जाने देना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में बढते प्रदूषण के पीछे डीजल और पेट्रोल में मिलावट अहम वजह है। न्यायालय ने सवाल उठाते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों में पेट्रोल में केरोसिन मिलाया जाता है, लेकिन कोई चेक करने वाला नहीं। पेट्रोल पंपों के मामले में भी पॉलिसी बननी चाहिए। अगर ईधन में ही मिलावट होगी तो प्रदूषण तो होगा ही। मिलावटी ईधन के बावजूद हमारी गाडियां हरफनमौला हैं… क्योंकि ये उसी से चलती हैं।

दुनिया के अहम शहरों से ज्‍यादा गाडि़यां दिल्‍ली में हैं। लॉस एंजिलिस में 65 लाख, न्यूयॉर्क में 77 लाख वाहन हैं, जबकि दिल्‍ली में 85 लाख वाहन हो गए हैं। इन बढ़ती गाडि़यों के कारण दिल्‍ली में प्रदूषण का स्‍तर खतरे की सीमा पार कर चुका है।

Related Articles

Leave a Reply