सुप्रीम कोर्ट से पी चिदंबरम को बड़ा झटका, गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली। अदालत ने साफ कर दिया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जो टिप्पणी की है उस पर दखल नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही ये भी कहा कि अगर चिदंबरम जमानत चाहते हैं तो उन्हें निचली अदालत का रुख करना होगा। इसका अर्थ ये है कि चिदंबरम सीबीआई की हिरासत में ही रहेंगे। इन सबके बीच ईडी की याचिका सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। अदालत ने कहा कि सीबीआई के खिलाफ याचिका पर इस चरण में सुनवाई संभव नहीं है।

इससे पहले चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस भामुमति के बेंच में केस की लिस्टिंग की मेंशन किया था। लेकिन जस्टिस भानुमति का कहना है कि सीजेआई के आदेश के बाद ही केस की लिस्टिंग हो सकती है। अदालत का कहना है कि रजिस्ट्री इस पर उचित कदम उठाएगा। इन सबके बीच ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है। ईडी के मुताबिक चिदंबरम और दूसरे साजिशकर्ताओं के पास अर्जेंटीना समेत दूसरे देशों में कीमती संपत्तियां हैं।

इस मामले में जो जानकारी सामने आ रही है कि उसके मुताबिक मामला अभी सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं हुआ है। इस केस में ईडी ने आपत्ति दर्ज कराई है। इससे पहले वो सीबीआई की हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि चिदंबरम के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। जांच एजेंसी का स्पष्ट मानना है कि चिदंबरम को राहत नहीं मिलनी चाहिए।

आईएएनक्स मीडिया केस में नाटकीय घटनाक्रम के बाद पी चिदंबरम की उनके जोरबाग स्थित आवास से गिरफ्तारी की गई थी। सीबीआई के अधिकारियों को उनके घर को फांदकर दाखिल होना पड़ा था। बता दें कि सीबीआई ने उन्हें 21 जुलाई को राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया था जिसके बाद उन्हें आज तक हिरासत में भेज दिया गया था।

सीबीआई ने अपनी दलील में कहा कि ये बात सच है कि चिदंबरम को जब बुलाया गया वो जांच में शामिल हुए। लेकिन जिन सवालों के जवाब की दरकार जांच एजेंसी को थी वो कभी नहीं मिला। हकीकत ये है कि जब भी उनसे सवाल पूछे गए जवाब में उल्टे वो सवाल पूछते रहे। आईएनएक्स मीडिया केस संवेदनशील विषय है जिसमें और लोगों की भागीदारी हो सकती है। लिहाजा हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जरूरत है। कोर्ट के सामने बचाव पक्ष की दलीलें काम नहीं आई और उन्हें हिरासत में भेज दिया गया।

Related Articles