सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री पर गैर पेशेवर गतिविधियों का आरोप लगाने वाली याचिका की खारिज

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के मजिस्ट्रेट की याचिका खारिज कर दी है। मजिस्ट्रेट ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री पर गैर पेशेवराना तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया था। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यन की पीठ ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सैयदुल्ला खलीलुल्लाह खान की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की गैर पेशेवर गतिविधियों पर सवाल खड़ा करते हुए आम लोगों के साथ केसों को सूचीबद्ध करने में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया था। उनका आरोप है कि उनकी क्यूरेटिव पिटीशन काफी समय से लंबित है। लेकिन रजिस्ट्री उसे सूचीबद्ध नहीं कर रही है, जबकि उसकी सारी त्रुटियां खत्म कर दी गई है।

याचिका पर नोटिस जारी किया गया था और इसे इसी तरह की याचिकाओं के साथ टैग किया गया था। जिसके बाद इसे 19 फरवरी को खारिज कर दिया गया था। जिसपर पुनर्विचार याचिका 5 अगस्त को खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने तब ई-फाइलिंग के माध्यम से एक क्यूरेटिव याचिका दायर की थी और रजिस्ट्री द्वारा 9 त्रुटियों को इंगित किया गया था। जो उसी दिन ठीक हो गई थी। यह कहा गया है कि त्रुटियों को दूर करने और अपनी याचिका के पंजीकरण के संबंध में रजिस्ट्री तक लगातार जाने के बाद भी ऐसा नहीं किया गया है।

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