सुप्रीम कोर्ट में आज नहीं हो सकी अनुच्छेद 35A पर सुनवाई

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35A को चुनौती देने वाली याचिका पर होने वाली अहम सुनवाई आज नहीं हो पाई। चीफ जस्टिस दीपक मित्रा की अगुवाई में तीन जजों की पीठ को आज की सुनवाई में तय करना था कि क्या इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजा जाए या नहीं।आपको बता दें कि 6 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में जजों ने इस पर कई तरह के सवाल पूछे थे। मामले की सुनवाई होने से पहले ही घाटी में इस मुद्दे पर बवाल हो गया है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में झड़प और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं हैं। हमेशा से ही 35A का मुद्दा संवेदनशील रहा है।

आपको बता दें कि अनुच्छेद 35A से ही जम्मू-कश्मीर को एक विशेष राज्य के रूप में अधिकार देता है। इसके तहत दिए गए अधिकार ‘स्थाई निवासियों’ से जुड़े हुए हैं। इसका मतलब है कि राज्य सरकार को ये अधिकार है कि वो आजादी के वक्त दूसरी जगहों से आए शरणार्थियों और अन्य भारतीय नागरिकों को जम्मू-कश्मीर में किस तरह की सहूलियतें दें अथवा नहीं दें।अनुच्छेद 35A को लेकर 14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने एक आदेश पारित किया था। इस आदेश के जरिए भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद 35A जोड़ दिया गया।

अनुच्छेद 35A, धारा 370 का ही हिस्सा है। इस धारा के कारण दूसरे राज्यों का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में ना तो संपत्ति खरीद सकता है और ना ही वहां का स्थायी नागरिक बनकर रह सकता है।

 

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