सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को अदालत में हाजिर होने का दिया आदेश

0

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को बकाया रुपया जमा करने के लिए एक और मौका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बचे हुए 9,000 हजार करोड़ सहारा जल्द से जल्द सेबी-सहारा के अकाउंट में डाले नहीं तो उसके बाद कानून अपना काम करेगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को 28 फरवरी को अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय को निर्देश दिया कि वह सेबी-सहारा मामले में निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए 25700 करोड़ रुपये जमा नहीं करने के मामले में 28 फरवरी को उसके समक्ष पेश हों। शीर्ष अदालत ने कहा उसके अंतिम आदेश में सहारा को राशि का बंदोबस्त करने के लिए छह महीने का समय दिया गया था लेकिन इस अवधि में जो कुछ हुआ, उससे अदालत का भरोसा मजबूत नहीं होता।


प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि समूह ने केवल 15 हजार करोड़ रुपये जमा किए हैं। पीठ में न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति एस के कौल भी हैं। पीठ ने रॉय और अन्य निदेशकों को पिछले आदेशों का पालन करने के लिए और समय देने से मना कर दिया।

सहारा पर शिकंजा 

बता दें कि 2008-09 से सहारा ‘इंडिया रियल एस्टेट’ और ‘सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प’ के जरिए फंट जुटा रहा था। सेबी ने सहारा के इस फैसले को गैर-कानूनी बताते हुए उसे ओएफसीडी से पैसे जुटाने के लिए मना कर दिया और निवेशकों के पैसे लौटाने को कहा था। इसके बाद से ही सहारा प्रमुख रॉय पैसे लौटाने से कतरा रहे हैं।

दरअसल, इस मामले की सुनवाई रंजन गोगई वाली बेंच कर रही थी और इस बेंच ने कहा कि सहारा ग्रुप ने अभी तक 15,000 करोड़ ही जमा किए हैं। इस बेंच में एके सिकरी और एसके कौल भी शामिल है जो ग्रुप को एक और मौका देने के खिलाफ थे।

loading...
शेयर करें