सुप्रीम कोर्ट: जेपी इंफ्राटेक के लिए जयप्रकाश एसोसिएट के प्रमोटर्स बोली नहीें लगा सकते

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जयप्रकाश एसोसिएट के प्रमोटरों से कहा कि वह जेपी इंफ्राटेक के लिए बोली नहीं लगा सकते। जेपी इंफ्राटेक नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के समक्ष दिवाला कार्यवाही का सामना कर रही है। बोली के लिए जेपी एसोसिएट की याचिका को खारिज करते हुए प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की पीठ ने एनसीएलटी को कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी।
संविधान के अनुच्छेद 142 के सहारा लेते हुए अदालत ने कहा कि अंतरिम प्रस्ताव पेशेवर द्वारा दिवाला कार्यवाही पूरी करने के लिए 180 दिनों की अनिवार्य अवधि नौ अगस्त से शुरू होगी। अनुच्छेद 142 शीर्ष अदालत को किसी भी स्थिति पर काबू पाने की विस्तृत शक्तियां प्रदान करता है।

अदालत ने नई कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) के गठन का भी निर्देश दिया। कमेटी में घरों के खरीदारों की ओर से प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिन्हें संशोधित इंसॉलवेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (आईबीसी) के तहत सामरिक लेनदारों के रूप में मान्यता दे दी गई है।

जय प्रकाश एसोसिएट द्वारा एनसीएलटी को दिए गए 750 करोड़ रुपये को हस्तान्तरित करने का निर्देश देते हुए अदालत ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों को जयप्रकाश एसोसिएट के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने के लिए कहने के आवेदन को अनुमित दे दी।

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