सुप्रीम कोर्ट ने डीलर एसोसिएशन को लगाई फटकार, कहा रियायत का गलत फायदा…

नई दिल्ली: देश में BS-IV वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन की इजाजत की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फेडरेशन ऑफ ओटोमोबील डीलर एसोसिएशन (FADA) को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि देश में एक तय संख्या में वाहनों को बेचने की अनुमति दी गई. लेकिन कार निर्माता कंपनियों ने इसका गलत फायदा उठाया है.

SC ने FADA ( फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स) को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि हमारी ओर से दी गई रियासत का गलत फायदा उठाया गया. हमने 27 मार्च को 1.05 लाख BS-IV वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन की इजाजत दी थी. लेकिन अब लगता है कि 2.55 लाख वाहन बेचे गए हैं.  SC ने शुक्रवार तक FADA से बिक्री और पंजीकरण का विवरण मांगा. कोर्ट ने मामले में सडक एवं परिवहन मंत्रालय को भी अदालत के 27 मार्च के आदेश के बाद बेची और रजिस्टर्ड किये बीएस- IV वाहनों का विवरण देने को कहा है.

उल्लेखनीय है कि 27 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने BS-4 वाहन की बिक्री पर रियायत दी थी. कोर्ट ने कहा था कि जो स्टॉक बचा है, उसका 10% लॉक डाउन खत्म होने के 10 दिनों के बाद तक बिक सकेगा लेकिन ये बिक्री दिल्ली-NCR में नहीं होगी. कोर्ट ने कहा था कि ये वाहन दस दिनों के भीतर ही पंजीकृत किए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने FADA  की याचिका पर ये फैसला सुनाया था.

BS-IV वाहनों  की बिक्री की सीमा 31 मार्च से बढ़ाने की मांग को लेकर फेडरेशन ऑफ ओटोमोबील डीलर एसोसिएशन (FADA) ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. FADA  ने अपनी याचिका में कहा कि कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के चलते वाहनों की बिक्री नहीं हो पाई इसलिए सुप्रीम कोर्ट पुराने आदेश में बदलाव करे. सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के मुताबिक 31 मार्च के बाद BS-IV की गाड़ियों की बिक्री बंद की जानी थी.

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