सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को लगाई फटकार, कहा- ‘आंखें क्यों मूंद रखी हैं’

नई दिल्ली: फेक न्यूज ( Fake News ) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने केंद्र की मोदी सरकार ( Modi Goverment ) के कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फेक न्यूज की वजह से हिंसा हो, किसी की जान जाए, यह नहीं होना चाहिए। किसी खबर की वजह से ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने तबलीगी जमात केस में सुनवाई के दौरान 26 जनवरी को किसान रैली का मुद्दा उठाया। इस केस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ( CJI ) एसए बोबडे ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर आंखें क्यों मूंदे हुए है, कुछ कर क्यों नहीं रही है?।

कोर्ट ने मोदी सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि समस्या तब पैदा होती है जब इसका इस्तेमाल भड़काने के लिए होता है। कोर्ट ने टीवी प्रोग्राम को लेकर कहा कि कई प्रोग्रामों में उकसाने वाली हरकत होती है और बतौर सरकार आप कुछ नहीं कर रहे हैं। SC ने आगे कहा कि मैं नहीं जानता कि आप इसके लिए आंखें बंद क्यों किए हैं।’

रिपोर्टिंग करने से नहीं रोक सकते

फेक न्यूज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में एक याचिका दायर की गई थी कि सरकार के पास ऐसे कार्यक्रम पर रोक लगाने कि शक्ति है। इसपर केंद्र ने कहा था कि ‘मीडिया को जमात के मुद्दे पर रिपोर्टिंग करने से नहीं रोक सकते है। यह प्रेस की स्वतंत्रता का मामला है। मरकज के बारे में सभी रिपोर्टें गलत नहीं थीं।’

तीन हफ्ते में मांगा जवाब

सरकार की तरफ से तुषार मेहता ने कहा कि केबल टीवी, डीटीएच और ओटीटी पर तकनीकी पहलू क्या हैं और कैसे नियमित किया जाता है इस पर सरकार पूरा खाका पेश करेगी। जिसको लेकर तुषार मेहता ने कोर्ट से समय मांगा। जिसपर चीफ जस्टिस ने टीवी की खबरें, कार्यक्रम को नियमित करने और तकनीक व्यवस्था क्या है, इन सब पहलुओं पर सरकार और सभी पक्षकारों को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।

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