सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बैंक फ्रॉड के लिए वो खुद जिम्मेदार, आधार नहीं रोक सकता फर्जीवाड़ा

नई दिल्ली। विभिन्न योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने को लेकर चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की पीठ में आज सुनवाई करते हुए आधार कार्ड को बैंक में होने वाले फर्जीवाड़े के प्रति निराधार बताया।

ADHAAR

गुरुवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में पांच जजों की बेंच ने कहा कि बैंक में होने वाले फर्जीवाड़े में बैंक के ही अधिकारीयों का हाथ होता हैं, क्योकि बैंक को पता होता है कि वो किसे लोन दे रहा है। कोर्ट ने कहा, बैंक फ्रॉड को रोकने के लिए आधार कार्ड इसमें एक मामूली भूमिका ही निभा सकता है जो कि नाममात्र की है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मोबाइल फोन और बैंक खातों से आधार को लिंक करने के खिलाफ अंतिम समय सीमा को ख़त्म करके अनिश्चितकाल तक आगे बड़ा दिया था। वही बायोमीट्रिक योजना प्रणाली वाले आधार को चुनौती देने वाले याचिकाओं में कोर्ट ने कहा कि जल्द ही इसकी भी अंतिम तिथि की जाएगी।

कल्याणकारी योजनाओं 30 जून तक का समय
कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार लिंक करने की समयसीमा को सरकार ने तीन महीने के लिए बढ़ा दी है, जिनमें नागरिकों को सरकारी फंड से लाभ स्थानांतरित किया जाता है। पहले यह समयसीमा 31 मार्च तय की गई थी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जारी खबर के मुताबिक कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार जोड़ने की अंतिम तारीख अब 30 जून 2018 होगी।

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