शाहीन बाग प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ‘बोला- इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं’

शाहीन बाग प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 'बोला- इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं'

नई दिल्ली: शाहीन बाग में 90 दिनों तक हुए CAA-NRC विरोध प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त हिदायत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक स्थान पर अनिश्चितकाल के लिए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट की ने यह टिप्पणी शाहीन बाग मामले में हुई अहम सुनवाई के दौरान की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर धरना प्रदर्शन करना सही नहीं है, इससे लोगों के अधिकारों का हनन होता है।

शाहीन बाग मामले में हुई अहम सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन का ये तरीका बिलकुल भी नहीं हो सकता। सार्वजानिक स्थान को इस तरह से बंद करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। प्रशासन कार्रवाई कर सकता है, उसे कोर्ट के आदेश की आवश्यकता नहीं, उम्मीद है भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। धरना-प्रदर्शन का अधिकार अपनी जगह है लेकिन अंग्रेजों को राज में जिस तरीके से किया जाता वह अभी करना सही नहीं है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि शाहीन बाग इलाके से लोगों को हटाने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की गई। प्राधिकारियों को खुद कार्रवाई करनी होगी और वे अदालतों के पीछे छिप नहीं सकते।

शाहीन बाग प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 'बोला- इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं'

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विरोध के नाम पर पब्लिक प्लेस पर बाधा बनकर नहीं बैठ सकते – सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान SC ने कहा ‘कोई भी सिर्फ विरोध के नाम पर पब्लिक प्लेस पर बाधा बनकर नहीं बैठ सकता। कानून हर किसी को अपना गुस्सा जाहिर करने का अधिकार देता है। लेकिन किसी के अधिकार छीनने का अधिकार नहीं देता। जिम्मेदारियां सबकी बराबर हैं। प्रशासन ऐसे में कार्रवाई कर सकता है। अवरोध हटा सकता है। देश में विरोध प्रदर्शन निश्चित स्थानों पर ही होना चाहिए।

बता दें कि सीएए के विरोध में शाहीन बाग पर 90 दिनों से भी ज्यादा चले विरोध प्रदर्शन के कारण लाखों लोगों को आवागमन में बेहद कठनाईयों और भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

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