NDA में लड़कियों की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

लखनऊ: एनडीए (NDA) परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है कि लड़कियां भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश (Admission) के लिए परीक्षा दे सकती हैं। इससे पहले सैनिक स्कूल और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में अभी तक एनडीए में लड़कियों के दाखिले के लिए इजाजत (Permission) नहीं थी।

एनडीए में लड़कियों की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को जनहित याचिका पर सुनवाई की थी, जिसके कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि अब एनडीए में लड़कियां परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकती हैं। हालांकि यह परीक्षाएं दाखिले कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन होंगे।

याचिका में कही गई बात

कुश कालरा ने महिला उम्मीदवारों को एनडीए परीक्षा में बैठने की अनुमति को लेकर याचिका डाली थी। इस याचिका में कहा गया था कि महिलाओं को केवल लिंग भेद के कारण इस परीक्षा में शामिल नहीं किया जाता है, जबकि योग्य महिला उम्मीदवारों को एनडीए और ‘नौसेना अकादमी परीक्षा’ में बैठने की अनुमती होनी चाहिए। आज के समाज मे समान शिक्षा प्राप्त होने के बावजूद पुरुष उम्मीवारों को ही मौका दिया जाता है।

NDA और NA एग्‍जाम (II) का आयोजन

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय किशन कौल और हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने बुधवार को अपने अंतरिम आदेश को पारित करते हुए कहा है कि अब महिलाएं भी यूपीएससी की तरफ से जारी होने वाली एनडीए व एनए परीक्षाओं (II) में भाग ले सकेंगी। संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से NDA और NA एग्‍जाम (II) का आयोजन 5 सितंबर 2021 को किया जाएगा।

 

 

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