मुन्ना बजरंगी हत्याकांड से मचा हडकंप, डिप्टी जेलर सहित चार कर्मचारी निलंबित

0

लखनऊ। पूर्वांचल के कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोलीमारकर हत्या कर दी गई है। जेल में माफिया डॉन की हत्या से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की जांच शुरू हो चुकी है। जानकारी मिलते ही मौके पर अधिकारी पहुंचे। वहीँ सीएम योगी ने इस हत्याकांड की जांच के आदेश दे दिए हैं। जबकि डिप्टी जेलर सहित चार कर्मचारी निलंबित कर दिए गए हैं

मुन्ना बजरंगी

इस बीच लखनऊ में राज्य के पुलिस उपमहानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच हत्या में कुख्यात अपराधी सुनील राठी का नाम सामने आया है।  आपको बता दें कि कल रात को मुन्ना बजरंगी को बागपत में शिफ्ट किया गया था।

पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में आज मुन्ना बजरंगी की बागपत कोर्ट में पेशी थी। कुख्यात सुनील राठी और विक्की सुनहेड़ा के बैरक में उसे रखा गया था। इस वारदात से जेल प्रशासन लेकर लखनऊ के अधिकारियों तक में हडकंप मचा हुआ है। इससे पहले भी मुन्ना बजरंगी पत्नी उसकी हत्या की आशंका जता चुकी थी। झांसी जेल में भी मुन्ना पर हमला हुआ था।

पत्नी का आरोप 

मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा ने कहा था कि मेरे पति की जान को खतरा है। यूपी एसटीएफ और पुलिस उनका एनकाउंटर करने की फिराक में हैं। झांसी जेल में मुन्ना बजरंगी के ऊपर जानलेवा हमला किया गया। कुछ प्रभावशाली नेता और अधिकारी मुन्ना की हत्या करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।

सीमा ने कहा था कि जेल में ही उसके पति के खाने में जहर देने की कोशिश की गई। सीसीटीवी फुटेज में भी इसकी रिकॉर्डिंग है, जिसमें एक एसटीएफ अधिकारी जेल में ही मुन्ना बजरंगी को मारने की बात कह रहे हैं। इसकी शिकायत कई अधिकारियों और न्यायालय से की, लेकिन कहीं से भी सुरक्षा नहीं मिली।

आज कोर्ट में होनी थी पेशी

पिछले साल 2017 में बसपा के पू्र्व विधायक लोकेश दीक्षित से मुन्ना बजरंगी और सुल्तीन ने रंगदारी मांगी थी। साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी थी। आज इसी मामले में उसकी बागपत कोर्ट में पेशी थी। काल रत को उसे इस जेल में शिफ्ट किया गया था। जानकारी के मुताबिक, सुबह सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी में झगड़ा हुआ जिसके बाद उसे गोली मार दी गयी। उसपर सुपारी लेकर कई हत्याएं कराने के भी आरोप है।

कौन था मुन्ना बजरंगी 

उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कसेरूपूरेदयाल गांव में हुआ था। बचपन से ही उसका पढाई में मन नहीं लगता था। उसे जौनपुर के दबंग गजराज सिंह का संरक्षण हासिल हो गया। भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या करके पूर्वांचल में माफिया बन बैठा। 90 के दशक में पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग में शामिल हो गया था। मुन्ना ने 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद की हत्या कर दी। मुन्ना बजरंगी का नेटवर्क मुंबई, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था।

राय की हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में दहशत का दूसरा नाम बन गया। इसके बाद यूपी में उसका दबदबा कायम हो गया। अपने बन्दूक के जोर पर उसने कोयला और स्क्रैप व्यापारियों रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया।2012 में मड़ियाहू विधानसभा चुनाव से वह चुनाव भी लड़ चुका है। जहां उसे करारी शिकस्त मिली।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ” जेल में हत्या कैसे हो गई। इसकी जांच कराई जाएगी और इसमें जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नही जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट मंगाई गई है।”

loading...
शेयर करें