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श्वेत शक्ति ने आसान कर दी इन महिलाओं के जीवन की राह

67223ac0-97b4-4327-8d8d-61f43e6ad57cफतेहपुर। आज के समाज में अभी भी विधवा, तलाकशुदा व परित्यक्त महिलाओं को अंतिम पायदान में खड़ा पाया जाता है। उनके सामने जीवन को आसान करने की सबसे बड़ी चुनौती होती है। अपनों का साथ छूटने या उनसे अलग होने का दर्द का एहसास इन्हें ही होता है। सुबसे बड़ी चुनौती जीवन को आगे बढ़ाने की होती है। इन्हीं चुनौतियों को आसान करने को जनपद में अपने का एक अलग तरह का संगठन जीवन्त हो उठा है।

श्वेत शक्ति नाम का यह संगठन विधवा, तलाकशुदा व परित्यक्त महिलाओं द्वारा बनाया गया है। तीन माह में ही इस संगठन में तीन हजार से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। जादातर वह महिलाएं हैं जिन्हें जीने के लिए किसी सहारे की जरूरत थी। जो लोगों के घरों में झाड़ू पोंछा कर जीवन यापन को मजबूर हैं।

संगठन की कार्य शैली

महिलाओं का यह संगठन सदस्यों को सरकारी लाभ जैसे विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, समाजवादी पेंशन आदि के माध्यम से लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहा है। बाकायदा दो परामर्श केंद्र भी खोल रखे हैं। जिनमें इनकी पीड़ा सुनकर उसके निराकरण का कार्य किया जा रहा है। बीमा योजना का भी दिलाया जा रहा है।

21 महिलाओं के हाथ में बागडोर

संगठन में वैसे तो परोक्ष व अपरोक्ष रूप से तमाम लोग अपना योगदान दे रहे हैं। लेकिन मुख्य रूप से इसकी बागडोर 21 महिलाओं के हाथ में ही है। वही अपनी सदस्य बहनों की पीड़ा सुनने और उनके निराकरण का प्रयत्न करती या योजना बनाकर उसे पूरा करती हैं।

सदर विधायक ने हजार महिलाओं की बीमा राशि दी

अंतिम पायदान में खड़ी मानी जाने वाली इन महिलाओं के इस प्रयास में जनपद के सदर विधायक विक्रम सिंह ने भागीदारी निभाई है। उन्होंने एक हजार महिलाओं के बीमे की राशि देकर उनकी लड़ाई को मजबूत करने का काम किया है।

खुद को समृद्ध बनाने को गृहणी दीदी योजना

संगठन की महिलाएं घर में पुरुष का साथ न होने से गरीबी का जीवन जी रही हैं। इसी को देखते हुए संगठन गृहणी दीदी योजना शुरू करने जा रहा है। जिसमें हर सदस्य महिला अपने आसपास के दो सौ घरों की महिलाओं से जुड़कर उनके सुख दुःख से जुड़ेगी। साथ ही आत्मीयता हो जाने पर किचेन के सामान की आपूर्ति मांग के अनुसार करेंगी। जो उन्हें संगठन द्वारा जायज कीमत पर उपलब्ध कराया जायेगा। जिसमें उन्हें कमीशन मिलेगा। यही कमीशन उनकी आमदनी होगी। जिससे वह सम्रद्ध होने होने के साथ इज्जत की जिंदगी जी सकेंगी।

जनपद में 5.7 फीसदी हैं ऐसी महिलाये

संगठन को धार देने वाले संगठन के निदेशक डॉक्टर देवेन्द्र श्रीवास्तव बताते हैं कि जनपद में इस तरह की महिलाओं की तादाद अधिक है। इनके सामने जीवन एक पहाड़ के समान दिखता है। यही सोंचकर उन्होंने संगठन बनाकर ऐसी महिलाओं को जोड़ा। जो अब बड़ी संख्या का रूप ले चुकी है। बिना सहारे वाली इन महिलाओं के लिए संगठन उन्हें सरकारी योजनाओं व गृहणी दीदी योजना के माध्यम से लाभान्वित करना उद्देश्य है। जिससे यह अँधेरे युक्त जीवन से निकल सकें। बस यही प्रयास है।

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