राज्य में तेजी से फैलता जा रहा स्वाइन फ्लू

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देहरादून। राज्य में इस समय स्वाइन फ्लू का बहुत तेजी से प्रकोप चल रहा है। हाल ही में इसकी वजह से दो लोगों की मौत हो गयी थी। ऐसा माना जा रहा है कि मौसम की नमी के चलते स्‍वाइन फ्लू का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है।

स्वाइन फ्लू

आपको बता दें, अबतक लगभग 26 लोग इस बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं। ऐसे में हर तरु इस बीमारी का खतरा लगातार बना हुआ है। इस बार स्वाइन फ्लू के मामले फरवरी से जुलाई के बीच में ही दिखाई दे रहे हैं, जबकि हर बार अगस्त से मार्च के बीच ही इसके लक्षण दिखाई देते हैं।

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अब तक इतनों की मौत

देहरादून में चार और मरीजों में स्‍वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इस हिसाब से राज्‍य में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले दो लोगों की मौत हो चुकी थी।

क्‍या है वजह

दरअसल, इस मौसम में तापमान के कम होने और अधिक नमी होने के कारण हवा काफी घनी होती है। इस वजह से वायरस के पनपने के ज्‍यादा चांस होते हैं। यही सबसे बड़ी वजह है कि अभी से ही स्वाइन फ्लू में लगातार इजाफा होते दिखाई दे रहा है। इसके प्रकोप में हर कोई घिरता जा र‍हा है।

अब चार और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें रेशम माजरी डोईवाला निवासी 25 वर्षीय युवती का हिमालयन हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। जबकि दून निवासी 35 वर्षीय एक अन्य महिला को हिमालयन हॉस्पिटल से इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

इसके अलावा श्यामपुर प्रेमनगर से एक साल की बच्ची में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बच्ची दून अस्पताल में भर्ती थी, जिसे अब डिस्चार्ज कर दिया गया है। मैक्स अस्पताल में भर्ती ऋषिकेश निवासी 52 वर्षीय एक मरीज को परिजन स्वयं डिस्चार्ज करा ले गए हैं।

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अस्पतालों में बरती जा रही सावधानी

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ। तारा चंद पंत ने कहा कि फरवरी से लेकर अबजक 26 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में जो भी पांच मरीज इससे पीड़ित हैं। उनके खून के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली भेज दिए गए हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पतालों में काफी सावधानी बरती जा रही है। जिस भी व्यक्ति में मरीज में इसके लक्षण दिखाई देगें उसकी सूचना तुरंत अस्पताल में देने को कहा गया है।

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इन लोगों में जयादा है खतरा  

स्वाइन फ्लू का खतरा उन लोगों से सबसे ज्यादा बना रहता है जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है। इनमें मुख्यता डायबिटीज, ह्रदय रोगी, कैंसर आदि के रोगी शामिल हैं। इसके अलावा बच्चे, बूढों में भी इसका खतरा बना रहता है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है-

  • स्वाइन फ्लू होने पर लगातार नाक से पानी बहता रहता है, इसके अलावा छींक, कफ, और लगातार खांसी का आना
  • शरीर में दर्द बना रहना। इसके अलावा सर में भी भयानक दर्द।
  • नींद का न आना और ज्यादा थकान रहना।
  • बुखार का लगातार बना रहना और गले में खरास लगातार बढ़ते जाना

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स्वाइन फ्लू होने का कारण

ये बीमारी होने की वजह इसके वायरस का हवा में ट्रांसफर होना है। जब भी कोई व्यक्ति खांसता या फिर छींकता है तो ये वायरस उनके अंदर प्रवेश कर जाता है।

बचाव

स्वाइन फ्लू का इलाज मौजूद है। आराम करना, खूब पानी पीना, शरीर में पानी की कमी न होने देने से बचाव हो सकता है। इसके अलावा टीका जैसे सीजनल फ्लू शॉट से दो या तीन तरह के इन्फ्लूएंजा वायरस, जिसमें एच1एन1 वायरस शामिल हैं इसकी मदद से बचा जा सकता है। हालांकि ये टीका इंजेक्शन और नाक स्प्रे के रूप में भी मार्केट में उपलब्ध हैं।

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