ताजमहल पर्यटकों के लिए खुला, एक बार में 650 लोगों को अंदर जानें की अनुमति

देश में भारतीय पुरातत्वत सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक लोगों के लिए खुल गए हैं, ताजमहल में एक साथ 650 लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति है

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर में लगे लॉकडाउन के 61 दिनों बाद देश में भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक आज से लोगों के लिए खोल दिया गया हैं। संक्रमण के डर से अभी इस समय ताजमहल (Taj Mahal) में एक साथ 650 लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति है। इसके साथ ही देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी आज से स्मारक खुलने के बाद पर्यटक सफदरजंग का मकबरा और कुतुबमीनार जैसे ऐतिहासिक स्मारकों में घुमने पहुंचे।

आगरा में ताजमहल खुलने से पर्यटकों के साथ दुकानदार भी खुश हैं, उन्हें उम्मीद है कि इससे उनकी बिक्री बढ़ेगी। एक दुकानदार ने बताया, “कुछ पर्यटक आने लगे हैं, इससे हमें थोड़ी राहत की सांस मिलेगी।”

ताजमहल की खासियत

ताजमहल (Taj Mahal) दुनिया के 7 अजूबों में से एक अतुलनीय धरोहर है। यह उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित विश्व धरोहर मकबरा है। इसका निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में करवाया था।ताजमहल मुगल वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है। इसकी वास्तु शैली फारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मिलन है। सन् 1983 में ताजमहल युनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) स्थल बना। ताजमहल को भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया गया है। इसे संगमरमर की सिल्लियों की बड़ी- बड़ी पर्तो से बनाया गया है। इसका श्वेत गुम्बद और टाइल आकार में संगमरमर से ढंका है।

इस इमारत के चारो कोनों पर 4 बड़ी मीनारें स्थित हैं। यह मीनारें मस्जिद में अजा़न देने हेतु बनाई जाने वाली मीनारों के समान ही बनाई गई हैं। प्रत्येक मीनार दो-दो छज्जों द्वारा तीन समान भागों में बंटी है। मीनार के ऊपर अंतिम छज्जा है, जिस पर मुख्य इमारत के समान ही छतरी बनी हैं। इन पर वही कमलाकार आकृति एवं किरीट कलश भी हैं। इन मीनारों में एक खास बात है, यह चारों बाहर की ओर हलकी सी झुकी हुईं हैं।  जिससे कि कभी गिरने की स्थिति में यह बाहर की ओर ही गिरें  और मुख्य इमारत को कोई क्षति न पहुंच सके।

यह भी पढ़े: दिल्ली में तीसरी लहर की तैयारी, 5,000 हेल्थ अस्टिटेंट को ट्रेनिंग, 12वीं पास लोग योग्य

Related Articles