ताजिकिस्तान: राष्ट्रपति ने की अफगानिस्तान को चलाने में Tajik भूमिका की मांग

दुशांबे : ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनकी सरकार अफगानिस्तान पर तालिबान के शासन को तब तक मान्यता नहीं देगी जब तक कि देश के जातीय Tajik अल्पसंख्यक को देश चलाने में “योग्य भूमिका” नहीं दी जाती।

Tajik समाज को हुकूमत में जगह देने पर हम सरकार को देंगे मंज़ूरी

इमोमाली रहमोन ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ 25 अगस्त की बैठक के दौरान टिप्पणी करते हुए अफगानिस्तान में हाल की घटनाओं पर अपनी पहली सार्वजनिक स्वीकृति दी।

इस दौरान रहमोन ने कहा कि तालिबान में उनका विश्वास अफगानिस्तान में सभी राजनीतिक ताकतों के साथ सत्ता-साझाकरण पर विचार करने के लिए समूह की प्रतिज्ञाओं को त्यागने से कम हो गया है। इस कड़ी में उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक और सुरक्षा संकट से बचने के हित में देश की सभी जातीय अल्पसंख्यकों को शामिल करते हुए एक समावेशी सरकार का गठन किया जाना चाहिए। ताजिक पर बोलते हुए उन्होंने कहा की ताजिक देश की एक चौथाई आबादी है, इसके बावजूद रब्बानी के बाद से उन्हें अफ़ग़ानिस्तान सरकार में मुनासिब नुमाइंदगी नहीं दी जाती है।

इस वजह से देश में ताजिक आर्थिक और सामाजिक स्तर पर साल दर साल पिछड़ते चेले जा रहे है। अगर तालिबान ताजिक को हुकूमत में जगह देगा तो ताजिकिस्तान तालिबानी सरकार को कबूल करने के बारे में सोच सकता है।

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