तालिबान ने बदला VC तो सत्तर शिक्षकों ने दिया इस्तीफा

मज़ार शरीफ : काबुल यूनिवर्सिटी के टीचिंग स्टाफ में से सत्तर ने बुधवार देर रात इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह वाइस चांसलर मुहम्मद उस्मान बाबरी को बर्खास्त करने और उनकी जगह मुहम्मद अशरफ गैरत को VC नियुक्त करना है। खबर के मुताबिक उस्मान बाबरी पीएचडी होल्डर हैं जबकि गैरत के पास केवल बीए की डिग्री है।

काबिल VC को हटा मनपसंद को दे दिया गया ओहदा

काबुल यूनिवर्सिटी में हुई इस नियुक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक तूफान खड़ा कर दिया, क्योंकि लोग एक अनुभवी और ज्यादा पढ़े लिखे उस्मान बाबरी के बदले अशरफ गैरत की नियुक्ति से नाराज हैं। इस बीच यूनिवर्सिटी ने कहा है कि गैरत सिर्फ कार्यवाहक वाइस चांसलर हैं और शीर्ष पद में कभी भी फेरबदल किया जा सकता है। खुद तालिबान के भी कुछ लोगों सहित कई लोगों ने ये कहकर इस फैसले की निंदा की है कि गैरत से ज्यादा योग्य लोग भी हैं। आलोचकों ने गैरत का साल 2020 का एक ट्वीट भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने युद्धग्रस्त देश में पत्रकारों की हत्या को सही ठहराया।

तीखी आलोचना के बीच, अशरफ गैरत ने कई ट्वीट्स की एक सीरीज शेयर की, जिसमें उन्होंने अपने आलोचकों से उनके और उनकी एकेडमिक बैकग्राउंड के बारे में पता करने के लिए कहा।

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