सैनिकों की वापसी को लेकर किए गए समझौते का पालन नहीं कर रहा है तालिबान: अमेरिका

अफगानिस्तान में हिंसा काफी बढ़ गयी है जिसकी वहां की आम जनता और सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

वाशिंगटन: अमेरिका ने तालिबान पर आरोप लगाया है कि वह अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी को लेकर किए गए समझौते के वादों से पीछे हट रहा है। अमेरिका ने तालिबान से अफगानिस्तान में तत्काल प्रभाव से हिंसा रोकने की अपील भी की है।

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में अमेरिका के स्थायी प्रतिनिधि के बैली हचिसन ने कहा, “ हमारा मानना है कि तालिबान समझौते के तहत किए गए वादों का पालन नहीं कर रहा है।

अफगानिस्तान में हिंसा का माहौल

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में हिंसा काफी बढ़ गयी है जिसकी वहां की आम जनता और सेना को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। इसलिए हम तालिबान से यह पूछना चाहते हैं कि यदि वे अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने को लेकर गंभीर हैं तो अपने वादों का पालन करें और तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम को लागू करें।”

बैली हचिसन ने कहा कि हिंसा समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करना ही एकमात्र विकल्प है।

फरवरी में हुआ था समझौता

दरअसल, अमेरिका और तालिबान के बीच इस वर्ष फरवरी में एक समझौता हुआ था जिसके तहत अमेरिका ने अफगानिस्तान में मौजूद अपने सैनिकों की संख्या में कमी करने की प्रतिबद्धता जताई थी। अमेरिका की योजना अगले वर्ष जनवरी तक अपने सैनिकों की संख्या को 2500 तक करने की है।

गौरतलब है कि तालिबान के साथ किए गए समझौते के तहत अमेरिका अफगानिस्तान में मौजूद अपने सैनिकों की संख्या में लगातार कमी कर रहा है। अमेरिका ने जुलाई में अपने सैनिकों की संख्या 10 हजार से घटाकर 8600 कर ली थी जिसके बाद दूसरे चरण में यह संख्या पांच हजार कर ली थी।

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