संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में भाषण देना चाहते हैं तालिबान: संयुक्त राष्ट्र

नई दिल्ली: अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता संभालने वाले तालिबान की ओर से यह मांग एसी स्थिति में की गई है कि जब अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका और उसके घटकों की ओर से 9 सितम्बर 2001 के बाद तालेबान सरकार की समाप्ति के बाद पिछले महीने तालेबान ने देश की सत्ता दोबारा हासिल कर ली है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रवक्ता स्टीफ़न डोजारेक ने कहा कि महासचिव एंटोनियो गुटेरस को 15 सितम्बर को वर्तमान समय के मान्यता प्राप्त अफ़ग़ान राजदूत इसहाक़ ज़ई की ओर से एसेंबली के 76वें अधिवेशन के लिए अफ़ग़ानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की सूचि के साथ एक पत्र मिला है।

प्रवक्ता के अनुसार पत्र में कहा गया है कि पूर्व अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी को 15 अगस्त को अपदस्थ कर दिया गया था और दुनिया भर के देश अब उन्हें राष्ट्रपति के रूप में स्वीकार नहीं करते और इसकी वजह से इसहाक़ ज़ई अब अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत नहीं हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रवक्ता ने कहा कि तालिबान के अनुसार वह संयुक्त राष्ट्र संघ का नया स्थायी प्रतिनिधि मुहम्मद सुहैल शाहीन को नामज़द कर रहे हैं जो क़तर में शांति वार्ता के दौरान तालेबान के प्रवक्ता रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान 27 सितम्बर को राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेषन में भाषण देने वाला है। अभी यह पता नहीं है कि अगर तालेबान को अफ़ग़ानिस्तान की सीट मिल गई तो उनकी ओर से कौन बात करेगा।

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