शाहीन बाग में वार्ताकारों द्वारा की गई बातें हुई बेनतीजा, बंद किए रास्ते

नई दिल्ली:शाहीन बाग में हो रहे विरोध प्रदर्शन अभी भी लगातार जारी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए वार्ताकार भी कुछ ना कर सके। वार्ताकारों में से एक, वजाहत हबीबुल्ला ने शाहीन बाग में सड़क अवरोध पर एक हलफनामे में कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा है।

इसके साथ ही कहा कि पुलिस ने बेवजह ही पांच रास्तों को बंद किया, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हुई। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ कल इस पर सुनवाई करेगी। इसके साथ ही बजाहत ने कहा है कि रास्ते बंद हैं लेकिन स्कूल वैन और एंबुलेंस को जाने की इजाजत दी जा रही है। मानना है कि पुलिस की चेकिंग के बाद ही इसकी अनुमति है।

बता दें कि वजाहत हबीबु्ल्ला पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और प्रमुख सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं। हबीबुल्ला राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। सीएए के खिलाफ दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे प्रदर्शन के कारण बंद रास्ते को खुलवाने के लिए पहुंची साधना रामचंद्रन ने केवल महिलाओं से बातचीत की और मीडिया को भी वहां से हटने को कहा।

शाहीन बाग प्रदर्शन में शनिवार को चौथे दिन बातचीत के लिए पहुंची सुप्रीम कोर्ट की वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने एक बार फिर रास्ता खाली करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने का लिखित आश्वासन मांगा। उन्होंने अन्य कई मांगें भी रखीं। इनमें प्रमुख जामिया नगर हिंसा में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी है।

साधना ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन अंत में यह पूरी तरह विफल दिखी। चौथे दिन वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े वार्ता में नहीं पहुंचे। वार्ताकार रविवार को अंतिम दिन भी प्रयास करेंगे। इसके बाद कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट पेश की जानी है।

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