निर्दोष साबित होने के सुकून के साथ जेल से रिहा हुए आरुषि के मम्मी-पापा, लेकिन नम थी निगाहें

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गाजियाबाद| राजेश तलवार के हाथ में काले रंग का बैग था और चेहरे पर निर्दोष साबित होने का सुकून जबकि बगल में खड़ी उनकी पत्नी नुपुर तलवार की निगाहें नीचे थी। कुछ ऐसा ही दृश्य था जब दोनों गाज़ियाबाद की डासना जेल से बाहर निकले। दरअसल, अपनी 14 वर्षीय बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में जेल में सजा काट रहे राजेश और नूपुर तलवार को सोमवार शाम रिहा कर दिया गया।

इन दोनों को सीबीआई अदालत में इलाहबाद उच्च न्यायालय के फैसले की प्रमाणित प्रति सौंपने के बाद रिहा किया गया। बीते दिनों इलाहबाद उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तलवार दंपति को दोषमुक्त करार दिया था, हालानाकी फैसले की प्रमाणिक प्रति न मिलने की वजह से उन्हें रिहा नहीं किया गया था।

बताया जा रहा है कि दोनों ने जेल में कैदी के तौर पर कमाए पैसों को जेल अथॉरिटी को दान में दे दिया है। और बाहर आने के बाद कुछ देर मीडियाकर्मियों के कैमरे का सामना किया। इसके कुछ ही देर बाद वे वहां खड़ी एक कार में बैठकर वहां से चले गए।

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