हिंसा के बाद तूतीकोरिन में धारा 144 लागू, इंटरनेट सेवा भी बंद

0

नई दिल्ली। तमिलनाडु के तूतीकोरीन में स्टर्लाइट प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। ये सभी लोग पुलिस की कार्रवाई में मारे गए हैं। वहीं दर्जनों घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) ने इस प्रोजेक्ट को बंद करने का आदेश दिया है।

तमिलनाडु

हजारों लोग हुए बेरोजगार 

इस प्लांट को बंद करने से 32 हजार 500 नौकरियों पर असर पड़ा है। जबकि 3 हजार 5 सौ लोगों इसी से अपना पेट पालते  हैं। 2,500 कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए टीएनपीसीबी ने कहा कि 18 मई और 1 9 मई को अपने अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान, यह पाया गया कि “इकाई अपने उत्पादन संचालन को फिर से शुरू करने के लिए गतिविधियां कर रही थी।”

राज्य सरकार ने स्टरलाइट फैक्ट्री के आसपास धारा 144 लागू कर रखी है। इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है ।”सरकार ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश प्रसारित होने का आरोप लगाते हुए एक आदेश में कहा कि ऐसे संदेशों से मंगलवार को तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर संयंत्र के खिलाफ करीब 20 हजार लोगों की बड़ी भीड़ एकत्रित हो गई ।

क्या है मामला 

आपको बता दें कि स्थानीय नागरिक स्टर्लाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसकी प्रदूषण की वजह से गंभीर बीमारियां पैदा होंगी,जिससे लोगों को खतरा है। बता दें कि स्टर्लाइट कॉपर यूनिट, कॉपर यूनिट ऑफ वेदांता लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करती है। इस कंपनी ने हाल के दिनों में शहर में स्टर्लाइट कॉपर प्लांट के विस्तार की घोषणा की थी।

स्टर्लाइट अभी शहर में 4,00,000 टन प्रति वर्ष इकाई संचालित करती है। हालांकि प्लांट को सभी आवश्यक परमिट प्राप्त हुए हैं और उन्होंने किसी भी मानदंड का उल्लंघन नहीं किया है। नागरिक आज भी प्रदर्शन कर रहे थे पुलिस ने गेट के अन्दर जाने से रोका तो लोगों ने पुलिस पर पत्थर बरसाए।

वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों ने मिलकर एक पुलिस वाहन को पलट दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्टरलाइट प्लांट के साथ साथ कलेक्टर ऑफिस के घेराव की भी कोशिश की। इन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े साथ लाठी चार्ज करना पड़ा। इस वजह से लोगों का गुस्सा भड़का उठा। मामला बिगड़ता देख अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई।

जांच के आदेश 

वहीँ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के। पलानीस्वामी ने इस हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को तीन-तीन लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई में मारे गए लोगों के घर के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की है। सीएम ने इस पूरी घटना के न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं।

वहीँ तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन हिंसा कि जांच के लिए एक आयोग गठित किया है। मद्रास उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरूणा जगदीशन इस जांच टीम की अगुवाई करेंगे।

 

loading...
शेयर करें