अपने ‘मुल्‍क’ पर खुलकर सामने आईं तापसी पन्‍नू, कह दी ये बड़ी बात

तापसी पन्‍नूमुंबई। अभिनेत्री तापसी पन्नू ने कहा कि वह अन्य माध्यमों के बजाय सिनेमा के जरिए सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करना पसंद करती हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘मुल्क’ भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के बारे में बात करती है कि कैसे उन्हें अपने धर्म के कारण अन्याय झेलना पड़ता है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस फिल्म के विचार से सहमत हैं, तापसी ने कहा कि मेरे स्कूल के दिनों से मैंने पढ़ा है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणतंत्र है जहां हम हर धर्म के लोगों को एकसमान समझते हैं। हम अपने आसपास की जिंदगी ऐसे ही जीते भी हैं।

तापसी ने कहा कि टकराव तब शुरू होता है जब हम अखबारों में पढ़ते हैं कि घृणा भी बढ़ रही है, कुछ लोगों के समूह में इसे देखते हैं..निश्चित ही इन मुद्दों पर बात होनी चाहिए और एक अभिनेत्री के रूप में मैं यही कर सकती हूं कि सिनेमा का उपयोग अपने विचार को व्यक्त करने के लिए करूं।

उन्होंने कहा कि मैं एक अभिनेत्री हूं ना कि समाजिक कार्यकर्ता, इसलिए सिनेमा मेरे विचारों को दर्शाने का सबसे अच्छा माध्यम है। मैं ऐसे ही किसी मुद्दे के बारे में बात नहीं कर सकती, इसलिए मैं अधिक लोगों तक पहुंचने के लिए अभिनय का उपयोग करना पसंद करूंगी।

तापसी का जन्म एक सिख परिवार में हुआ था। वह सांप्रदायिक सद्भावना के माहौल में पलीं-बढ़ीं। उन्होंने कहा कि मुझे सिखाया गया कि गुरुद्वारे में कैसे प्रार्थना की जाती है, सिख धर्म के गुरु कौन हैं और अन्य वे सभी बातें जो एक सिख लड़की को जाननी चाहिए।

तापसी ने कहा कि लेकिन, मुझे यह भी बताया गया कि एक इंसान के रूप में, मैं अन्य त्योहारों का जश्न मनाने और अन्य धर्मो के लोगों से मिलने स्वतंत्र हूं। इसलिए, क्रिसमस, होली या ईद का जश्न मनाने के लिए मुझे किसी मानसिक संघर्ष से नहीं गुजरना पड़ा।

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