Petrol और Diesel के टैक्स कलेक्शन से सरकार की बल्ले-बल्ले, आम जनता बेहाल

सभी राज्यों में वैट और टैक्स अलग-अलग हैं। साल 2013 में पेट्रोल-डीजल पर 52,537 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ था।

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दाम से आम जनता परेशान है वहीँ LPG गैस सिलेंडर भी जनता के आंसू निकालने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे है। इस वक़्त तेल के दाम देश के इतिहास के सर्वोच्च स्तर पर है। इसका कारण देश और राज्य सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स है। जो लगातार बढ़ता जा रहा है और कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

आपको बतादें कि सभी राज्यों में वैट और टैक्स अलग-अलग हैं। साल 2013 में Petrol और diesel पर 52,537 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ था। साल 2019-20 में 2.13 लाख करोड़ रुपये टैक्स जमा हुआ। इस साल के शुरुआती 11 महीनों में 2.94 लाख करोड़ रुपये का टैक्स जमा हो चुका है। आज के टाइम में सरकार पेट्रोल पर 32.90 रुपये प्रति एक्साइज ड्यूटी लगा रही है। जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 31.80 रुपये प्रति लीटर है। और अगर बात करे साल 2018 में पेट्रोल पर 17.98 रुपये और डीजल पर 13.83 रुपये एक्साइज ड्यूटी लगती थी।

LPG गैस सिलेंडर
LPG गैस सिलेंडर

कल पेट्रोलियम मंत्री ( Petroleum minister ) धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कहा कि पिछले सात साल में गैस सिलेंडर के दाम बढ़कर दोगुना हो चुका है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कलेक्शन में 459 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा 2014 में 14.2 किलो के रसोई गैस सिलेंडर की दाम 410.5 रुपये था और इस वक़्त गैस का दाम 819 हो चुका है। अगर बात करे साल 2021 की तो यह 225 रुपये बढ़ चुका है। इससे पहले दिसंबर 2020 में इसकी कीमत 594 रुपये थी।

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