आईटी कंपनी टीसीएस लखनऊ को बोलेगी बाय-बाय, कर्मियों में गुस्‍सा

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लखनऊ। देश की आई टी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी लखनऊ में दफ्तर बंद करने की तैयारी में है। वहां काम कर रहे कर्मियों को मौखिक तौर पर बंदी का आदेश सुना दिया गया है, इस निर्णय से यहां काम कर रहे करीब 2000 पेशेवरों पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

टाटा कंसल्टेंसी लखनऊ में दफ्तर बंद

टाटा कंसल्टेंसी लखनऊ में दफ्तर बंद करके समेटेगी कारोबार

इस फरमान के बाद टीसीएस लखनऊ के आईटी प्रोफेशनल्स ने ट्विटर पर गुपचुप तरीके से एक अभियान छेड़ दिया है। #savetcslko के नाम से चल रहे इस अभियान में लोग सीएम योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।

क्या है मामला

टीसीएस लखनऊ को उत्तर प्रदेश में आईटी प्रोफेशनल्स का सबसे बड़ा हब माना जाता है। जानकारी के अनुसार कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट और उत्तर क्षेत्र के प्रमुख तेज पॉल भाटला राजधानी पहुंचे और विभिन्न प्रोजैक्ट्स के प्रमुखों को इस साल दिसंबर तक काम पूरा करने और ऑफिस को नोएडा या इंदौर ट्रांसफर करने की स्थिति में लाने के निर्देश दिए। साथ ही ये जानकारी टीम तक पहुंचाने का भी आदेश दिया गया है।

कंपनी को हो रहा नुकसान

बताया जा रहा है कि लखनऊ में कंपनी चलाने में आर्थिक नुकसान काफी हो रहा है इसलिए ये कदम उठाया जा रहा है। दरअसल टीसीएस की अवध पार्क की 10 साल की लीज इसी साल मई में खत्म हो गई है।  पता चला है कि ये लीज 11 महीने के लिए रिन्यू की गई है। खबर है कि कंपनी के ऊपर पार्क में लीज पर बिल्डिंग का किराया चार गुना बढ़ाने का दबाव है। जिसे लेकर कंपनी तैयार नहीं है।

लखनऊ में 1987 में शुरू हुई थी कंपनी

टीसीएस की लखनऊ में शुरुआत 1987 में विधानसभा मार्ग स्थित तुलसी गंगा कांप्लेक्स से हुई थी. इसके बाद 1988 में राणा प्रताप मार्ग पर कंपनी का दफ्तर शिफ्ट हुआ, फिर 2008 में स्टेशन रोड पर दफ्तर शिफ्ट हुआ। इसके बाद 200 से ज्यादा कर्मचारी हो जाने पर कंपनी ने विभूति खंड स्थित अवध टीसीएस पार्क में शिफ्ट कर लिया था।

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