यूपी पंचायत चुनाव की मतगणना करने से शिक्षक संगठनों ने किया इंकार, जानिए वजह

मई को प्रस्तावित मतगणना स्थगित नहीं की गई, तो हमारे विभाग के शिक्षक मतगणना का बहिष्कार करेंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) में चार चरणों में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतों की गिनती रविवार को शुरू होगी, जिसके लिए राज्‍य निर्वाचन आयोग ( State election commission ) ने उम्मीदवारों और अभिकर्ताओं को स्‍पष्‍ट हिदायत दी है कि मतगणना केंद्रों में उन्हें ही प्रवेश मिलेगा, जिनकी कोविड-19 की रिपोर्ट निगेटिव होगी। इस बीच राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ समर्थित राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और उत्‍तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मतगणना के बहिष्कार की घोषणा की है।

यूपी शिक्षक महासंघ ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि शिक्षकों व कर्मचारियों को चुनाव संबंधी प्रशिक्षण व मतदान की ड्यूटी के दौरान महामारी से बचाने की व्यवस्था उपलब्ध कराने में निर्वाचन आयोग की विफलता व अपने संघ के सदस्यों के प्राणों के रक्षार्थ उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने निर्णय लिया है कि यदि रविवार, दो मई को प्रस्तावित मतगणना स्थगित नहीं की गई, तो हमारे विभाग के शिक्षक मतगणना का बहिष्कार करेंगे।

मतगणना स्थगित करने की मांग

आपको बता दें कि उत्‍तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य व नेता शिक्षक दल सुरेश कुमार त्रिपाठी, शिक्षक एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा समेत विभिन्न संगठनों के नेताओं के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी बयान में मतगणना स्थगित करने की मांग करते हुए कहा गया है कि इस समय कोई ऐसा कारण नहीं है कि मतगणना स्थगित नहीं की जा सकती।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्र ने शनिवार को बातचीत में कहा कि ‘हमारे संगठन द्वारा मतगणना का बहिष्कार किया गया है, क्योंकि जान है तो जहान है।’ सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई की याद दिलाने पर उन्होंने कहा कि ‘न्यायालय का अपना कार्य है, लेकिन जान की सुरक्षा हमें खुद अपने करनी है।’ मिश्र ने कहा कि ‘हम न्‍यायालय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये को देखते हुए शिक्षक और कर्मचारी मतगणना नहीं कराएंगे।’

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