शिक्षक की धमकी से सहमा छात्र, बचने के लिए जिंदगी को कहा अलविदा

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उत्तरकाशी। बच्चों का मन काफी कोमल होता है। एक छोटी सी बात भी उन्हें झकझोर कर रख देती है। ऐसे में यदि शिक्षक से छात्रों को धमकी मिलने लगे तो वे टूट जाते हैं। ऐसा ही कुछ मामला यहां सामने आया। शिक्षक के उत्पीड़न से बचने के लिए नौवीं के एक छात्र ने खुद को फांसी पर लटका दिया। बताया जा रहा है कि मौत से पहले बच्चे ने स्कूल में उत्पीड़न बात परिजनों के साथ-साथ चाइल्ड हेल्प लाइन पर भी दी थी।

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शिक्षक से छात्रों को धमकीखबरों के मुताबिक़ जिला मुख्यालय से लगी वरुणा घाटी के खुरकोट गांव में कक्षा नौ के छात्र मनीष चौहान (15) पुत्र प्यार सिंह चौहान ने मंगलवार देर शाम घर के छज्जे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र के तीन बड़े भाई जिले से बाहर रोजगार करते हैं।

घटना के वक्त उसके पिता, मां और बहन भी किसी काम से गांव में ही कहीं गए थे। शाम सात बजे घर लौटने पर उन्हें पुत्र का शव फंदे से लटका मिला।

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बुधवार को चाइल्ड हेल्प लाइन के समन्वयक दीपक उप्पल के नेतृत्व में गांव पहुंची टीम ने बताया कि उक्त छात्र ने मंगलवार शाम पांच बजे चाइल्ड हेल्प लाइन पर फोन कर विद्यालय में शिक्षक द्वारा उत्पीड़न करने की बात कही थी।

समन्वयक उप्पल के अनुसार छात्र मनीष ने हेल्प लाइन में शिकायत की थी कि होमवर्क नहीं करने पर स्कूल में शिक्षक ने उसकी पिटाई की और जब उसने विद्यालय से नाम कटवाने की इच्छा जताई तो शिक्षक ने उसे टीसी के बजाय चरित्रहीन प्रमाण-पत्र जारी करने की बात कही थी।

इससे मनीष काफी परेशान था। इस संबंध में उसने पिता को भी बताया था। उप्पल के अनुसार चाइल्ड हेल्प लाइन टीम ने छात्र से बुधवार सुबह स्कूल में ही मिलकर समस्या का समाधान कराने की बात कही थी, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही छात्र ने आत्महत्या कर ली। मनीष हाईस्कूल भराणगांव में नौवीं कक्षा का छात्र था।

थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि पुलिस को बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे परिजनों ने आत्महत्या की सूचना दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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