तिरूवनंतपुरम में सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

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नई दिल्ली-  भारतीय टीम टीम गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ पाचवां और आखिरी वनडे मैच जीतकर एक और घरेलू सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी। पिछली बार जनवरी 1988 में तिरुवनंतपुरम के यूनिवर्सिटी स्टेडियम में वनडे मुकाबला खेला गया था, जिसमें इंडीज की टीम ने 9 विकेट से बाजी मारी थी. उस समय वेस्टइंडीज की टीम काफी अच्छी मानी जाती थी।इरादे

मौजूदा सीरीज का यह मुकबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. जो इस स्टेडियम में खेला जाने वाला पहला वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच होगा भारत ने पिछली बार घरेलू वनडे सीरीज 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाई थी और तब से स्वदेश में उसका अजेय अभियान जारी है. भारत अभी पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है, जिसका एक मैच टाई भी रहा।

टीम इंडिया को हालांकि सीरीज के दौरान वेस्टइंडीज की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है, जिसमें पुणे में तीसरे वनडे में हार भी शामिल है, भारत दौरे पर यह वेस्टइंडीज की पहली जीत थी गुरुवार को मैच के दौरान हालांकि बारिश की भविष्यवाणी भी की गई है।

विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पुणे में हार के बाद वापसी करते हुए मुंबई में चौथे वनडे में विरोधी टीम को 224 रनों से रौंद दिया था और टीम को उम्मीद होगी कि पांचवें वनडे में भी वे इस लय में बरकार रखेंगे।

तिरुवनंतपुरम में पिछला वनडे भी भारत और वेस्टइंडीज के बीच ही खेला गया था और तब वेस्टइंडीज ने आसानी से जीत दर्ज की थी. जेसन होल्डर की टीम उस समय की दिग्गज टीम से प्रेरणा लेकर सीरीज बराबर करना चाहेगी।

इंग्लैंड में अगले साल जून में होने वाले विश्व कप को देखते हुए दोनों टीमें इस सीरीज के जरिए अपना संयोजन तय करने की कोशिश में है कोहली और रोहित शर्मा बेहतरीन फॉर्म में हैं और सीरीज में क्रमश: दोनो बल्लेबाज तीन और दो शतक जड़ चुके हैं।


कप्तान का समर्थन हासिल करने वाले अंबाती रायडू ने भी पिछले मैच में शतकीय पारी खेली थी बाकी बल्लेबाज हालांकि उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे है सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए हैं, जबकि अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी भी बल्ले से कुछ खास नही कर सके है ऑस्ट्रेलिया में टी-20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में जगह गंवाने वाले धोनी को बल्ले से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जबकि विकेट के पीछे वह शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. भारत की ओर से 10,000 रन पूरे करने के लिए धोनी को सिर्फ एक रन की दरकार है।

कोहली को भुवनेश्वर कुमार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जो अब तब उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए हैं. स्पिनरों ने कैरेबियाई बल्लेबाजों को परेशान किया है कुलदीप यादव के सामने वेस्टइंडीज के अधिकांश बल्लेबाज जूझते रहे हैं, जबकि युजवेंद्र चहल को पिछले मैच में बाहर करके उनकी जगह रवींद्र जडेजा को मौका दिया गया था।

दूसरी तरफ टेस्ट मैचों में करारी हार के बाद मेहमान टीम ने वनडे में उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन किया है. शिमरोन हेटमेयर और शाई होप ने सबसे अधिक प्रभावित किया है. दोनों ने अब तक एक-एक शतक जड़ा है. कप्तान जेसन होल्डर ने दिखाया है कि वह भारतीय स्पिनरों का अच्छी तरह सामना कर सकते हैं, लेकिन टीम के अन्य बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजो के सामने जूझते दिखे है।

 

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