तेजस्वी का चुनाव आयोग पर आरोप, ‘जनादेश के खिलाफ जाकर दिया एनडीए का साथ’

2015 के चुनाव में भी महागठबंधन था और तब भी वोट हमारे ही पक्ष में थे, परन्तु बीजेपी सत्ता लेने के लिए उस बार भी पीछे के दरवाजे से अन्दर घुसी थी।

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से चुप रहे राजद नेता तेजस्वी यादव ने अब अपनी प्रतिक्रिया दी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने उन्हें अपना वोट दिया इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हुं।

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि मैं जानता हुं कि बिहार की जनता ने हमें ही चुना था परन्तु चुनाव आयोग ने परिणाम एनडीए के पक्ष में दिया है। राजद नेता ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।

एनडीए ने किया छल का प्रयोग

2015 के चुनाव में भी महागठबंधन था और तब भी वोट हमारे ही पक्ष में थे, परन्तु बीजेपी सत्ता लेने के लिए उस बार भी पीछे के दरवाजे से अन्दर घुसी थी। तेजस्वी यादव के मुताबिक बिहार के लोगों ने राजद और महागठबंधन का ही समर्थन किया है परन्तु एनडीए ने धन, छल और बल के दम पर बिहार में जीत हांसिल की है।

नीतीश कुमार छोड़ दें मुख्यमंत्री की कुर्सी का मोह

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर भी तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू को इस बार तीसरा स्थान मिला है यदि नीतीश कुमार में थोड़ी सी भी नैतिकता बची है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का लोभ छोड़ देना चाहिए।

उपचुनाव से मांग, फिर से हो डाक मत पत्रों की गिनती

तेजस्वी यादव ने उप चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि डाक मत पत्रों की गिनती सबसे अन्त में की गई है जो कि सामान्यत सबसे पहले की जाती है। डाक मत पत्रों की गिनती फिर से की जाए।

तेजेस्वी यादव ने महागठबंधन को अकेले संभाला

इस बार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव हारने के बाद भी राजनीति में अपना परचम लहराने में सफल रहे। तेजस्वी यादव ने अकेले अपने दम पर बिहार विधानसभा की 75 सीटों पर राजद को जीत दिलाई। उसके साथ महागठबंधन को कई सीटों पर मिली जीत का हकदार भी तेजस्वी यादव को ही माना जा रहा है।

महागठबंधन को 243 सीटों में से 110 सीटें मिली हैं। कांग्रेस के खाते में 19 तो भाकपा माले को 12 सीटों पर जीत मिली है। वहीं एनडीए ने 125 सीटों पर कब्जा कर बिहार विधानसभा में अपना परचम लहारया। जिनमें से जेडीयू को 43 और बीजेपी को 74 सीटें मिली हैं।

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