राघोपुर सीट के लिए तेजस्वी यादव और सतीश यादव में सीधा मुकाबला

बिहार: विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान मंगलवार की सुबह से शुरू हो गया है। इस चरण के चुनाव मतदान में कई दिग्गज नेताओं की शाख दांव पर लगी है। जिनमें बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के चुनावी किस्मत का भी फैसला होना है।

लालू यादव के जेल जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल की कमान संभाले तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से चुनावी मैदान में हैं। जहां पर उनका सीधा मुकाबला बीजेपी के गद्दावर नेता सतीश यादव से है जो कि एक बार राघोपुर सीट से विधायक भी रह चुके हैं।

राष्ट्रीय जनता दल की परम्परागत सीट

वैशाली जिले की राघोपुर सीट आरजेडी की परम्परागत सीट मानी जाती है। इस सीट पर सबसे पहले लालू यादव ने 1995 में अपनी जीत दर्ज की थी। दो बार इस सीट से जीतने के बाद लालू यादव ने यह सीट अपनी पत्नी और आरजेडी नेता राबड़ी यादव को दे दिया। हालांकि 2010 के विधानसभा चुनाव में सतीश यादव ने राबड़ी यादव को हराकर राघोपुर सीट पर कब्जा किया था।

2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने चुनाव लड़ा और बीजेपी नेता सतीश यादव को शिकस्त देकर फिर से उस सीट को आरजेडी के झण्डे के नीचे ला दिया।

भोला राय से मिली थी लालू को राघोपुर सीट

लालू यादव को राघोपुर सीट 1980 से 1995 तक इस सीट से विधायक रहने वाले नेता उदय नारायण उर्फ भोला राय ने दी थी। उसके बाद से यह सीट परम्परागत तौर पर आरजेडी की है।

इस बार सतीश यादव और तेजस्वी यादव के बीच राघोपुर सीट के लिए कांटे की टक्कर है। सतीश यादव लगातार तीसरी बार राघोपुर सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं वही दूसरी तरफ तेजस्वी यादव इस सीट से अपनी प्रतिष्ठा बचाने में लगे हैं।

यादव वोटरों की अधिकता

राघोपुर सीट को जातिगत सीट के तौर पर देखा जा रहा है। राघोपुर क्षेत्र में यादव जाति की जनसंख्या अधिक है। तेजस्वी यादव और सतीश यादव दोनों ही यादव जाति से है। इस क्षेत्र में दोनों ही पार्टीयों की नजर यादव वोटरों पर लगी है। इस क्षेत्र में राजपूतों और दलित मतदाताओं की भी अच्छी संख्या हैं। राघोपुर में 15 प्रतिशत मुस्लिम और अति पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी हैं।

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