तेजस्वी ने नीतीश के खिलाफ की निजी टिप्पणी, सदन में हुआ जमकर हंगामा

पहले सत्र के अंतिम दिन तेजस्वी ने नीतीश के खिलाफ की निजी टिप्पणी, जमकर हुआ हंगामा

पटना: बिहार विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन राज्यपाके अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की निजी टिप्पणी के कारण सदन में जमकर हंगामा हुआ।

धन्यवाद प्रस्ताव पेश

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक और पूर्व संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया और उसका अनुमोदन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राणा रणधीर सिंह ने किया। दोनों नेताओं के वक्तव्यों के बाद जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बोलने का मौका मिला तब उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ एक के बाद एक कई निजी हमले किए। वहीं, गंभीरता से बातों को सुन रहे मुख्यमंत्री को नेता प्रतिपक्ष की भाषा पर हंसी भी आई।

पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक

दूसरी ओर जदयू और भाजपा के सदस्यों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। इसको लेकर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस पर सभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष से संयमित भाषा का इस्तेमाल करने और निजी बातों की बजाए विकास की बातों पर चर्चा करने का आग्रह किया लेकिन यादव नहीं माने और लगातार निजी हमला करते रहे। सत्ता पक्ष की ओर से हो रही टोका-टोकी से नाराज  यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “आप ऐसा करेंगे तो हम सदन चलने देंगे क्या, किसी को भी बोलने का मौका नहीं देंगे।”

सत्ता पक्ष के सदस्य हुए शांत

सभा अध्यक्ष सिन्हा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई निजी टिप्पणियों और असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद ही सत्ता पक्ष के सदस्य शांत हुए और फिर उसके बाद नेता प्रतिपक्ष का भाषण शुरू हुआ। भोजनावकाश का समय हो जाने के कारण सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित करते हुए सभाध्यक्ष ने कहा कि जब सभा की कार्यवाही फिर से शुरू होगी तब नेता प्रतिपक्ष अपना भाषण जारी रखेंगे।

कृषि बिल वापस लेने की मांग

इससे पूर्व सुबह 11 बजे सभा की कार्यवाही शुरू होते ही राजद, कांग्रेस, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के  सदस्य कृषि बिल वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के आग्रह पर विपक्ष के सदस्य कुछ देर के बाद ही अपनी-अपनी सीटों पर लौट गए।

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