#Pathankot से पहले भारत पर हुए 10 सबसे बड़े आतंकी हमले

Indian paramilitary soldiers run for cover as fire engulfs the Tourist Reception Center after it was attacked by militants in Srinagar, India, Wednesday, April 6, 2005. Two suicide attackers opened fire and forced their way into a government guest house, where more than two dozen passengers of the first Indian-Pakistan bus across Kashmir were being held under protective custody, police and witnesses said. (AP Photo/Mukhtar Khan)

नई दिल्ली। नए साल के दूसरे दिन पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमले की खबर सुर्खियों में रही। पठानकोट के एयरफोर्स बेस पर हमला करने वाले चार आतंकी मार गिराए गए। तीन जवान देश के लिए शहीद हुए। गोलीबारी अब भी जारी है। दो ब्‍लास्‍ट हुए हैं। अाशंका है कि दो आतंकी अभी भी एयरफोर्स बेस में छुपे हुए हैं। इस सर्च ऑपरेशन के बीच जानिए देश में अब तक हुए 10 सबसे बड़े आतंकी हमले :-

मुंबई सीरियल ब्लास्ट, 12 मार्च 1993
इस हमले में लगभग पूरे मुंबई शहर में सीरियल धमाके हुए। इन धमाकों के पीछे दाउद इब्राहिम और डी कंपनी का हाथ माना गया था। इसमें 250 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को 30 जुलाई, 2015 को सुबह नागपुर की सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई थी। इस हमले के बाद ही दाऊद इब्राहिम और छाेटा राजन के बीच दुश्‍मनी शुरू हुई थी।

भारतीय संसद पर हमला, 13 दिसंबर 2001

लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन पर हुआ हमला भारतीय इतिहास का काला पन्‍ना साबित हुआ। संसद की कार्यवाही स्थगित होने के थोड़ी देर बाद दोपहर साढ़े ग्यारह के करीब पांच आतंकियों ने हमला बोल दिया था। इस हमले में संसद की सुरक्षा में लगे 8 जवान शहीद हुए थे, वहीं पांचों आतंकी मार गिराए गए थे। मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के पांच जवान समेत एक CRPF महिला कॉन्स्टेबल और संसद के दो गार्ड शहीद हो गए थे, साथ ही कई जवान घायल भी हुए थे। हमले के समय संसद भवन में लालकृष्‍ण आडवाणी समेत कई राजनेता मौजूद थे। इस हमले की साजिश रचने वाले अफज़ल गुरु को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई गई थी जिसकी दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज करने के बाद 9 फरवरी 2013 को गुरु को तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी।

जम्मू कश्मीर विधानसभा भवन पर हमला, 1 अक्टूबर 2001
जैश ए मोहम्मद के तीन आत्मघाती हमलावरों ने विधानसभा पर हमला किया था। इसमें 35 से अधिक लोग मारे गए थे।

अक्षरधाम मंदिर पर हमला, 24 सितंबर 2002
लश्कर ए तैय्यबा और जैश ए मोहम्मद के आतंकी दोपहर बाद 3 बजे के आसपास अक्षरधाम मंदिर में घुस गए। ऑटोमैटिक हथियारों और हैंड ग्रेनेड से लैस आतंकियों ने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। गुजरात के गांधीनगर में स्थित इस मंदिर पर हुए हमले में 30 लोग मारे गए थे, जबकि 80 लोग घायल हो गए थे।

दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट, 29 अक्टूबर 2005
इस हमले में आतंकियों ने दिवाली से दो दिन पहले तीन बम धमाके किए। दो धमाके सरोजनी नगर और पहाड़गंज में हुए। तीसरा धमाका गोविंदपुरी में एक बस में हुआ। इसमें 60 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि 200 से अधिक घायल हुए थे।

मुंबई ट्रेन धमाका, 11 जुलाई 2006
मुंबई की लोकल ट्रेनों में अलग-अलग सात बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था। 200 से अधिक लोग मारे गए और 700 अधिक जख्मी हुए थे। 30 सितंबर, 2015 को अदालत ने पांच दोषियों को फांसी की सज़ा सुनाई, वहीं सात को उम्रकैद की सजा दी।

26/11 मुंबई आतंकी हमला, 2008
आतंकियों ने शहर के होटल ताज और ओबेरॉय, सीएसटी रेलवे स्टेशन और यहूदी केंद्र नरीमन प्‍वाइंट को निशाना बनाया। गोलियों की तड़तड़ाहट में पूरा शहर कांप गया। इस हमले में 160 से अधिक लोग मारे गए थे और 250 से अधिक लोग घायल हुए। मुंबई को आतंक के साए से बाहर निकालने में सुरक्षाकर्मियों को 60 घंटे से भी ज्यादा का समय लग गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) और आतंक‌ियों के बीच चली लंबी मुठभेड़ में 9 आतंकी मारे गए थे और दसवें आतंकी अजमल कसाब को ज‌िंदा पकड़ ल‌िया गया था। बाद में 21 नवंबर, 2012 को येरवडा जेल में कसाब को फांसी दे दी गई।

जयपुर ब्लास्ट, 13 मई 2008
15 मिनट के भीतर ही नौ बम धमाकों से शहर गूंज उठा था। इन धमाकों में 63 लोग मारे गए थे, जबकि 210 लोग घायल हुए थे। इस मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

असम में धमाके, 30 अक्टूबर 2008
2008 में ही असम की राजधानी गुवाहाटी के विभिन्न जगहों पर कुल 18 धमाके आतंकियों ने किए। इन धमाकों में 80 से अधिक लोग मारे गए जबकि 450 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

गुरदासपुर हमला, 27 जुलाई, 2015
पाकिस्तान से आए माने जा रहे तीन फिदायीन हमलावरों ने एक चलती बस में यात्रियों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और दीनानगर थाने में घुसकर गोलियां चलाईं, जिसमें एक पुलिस अधीक्षक शहीद हो गए। इस हमले में 7 अन्य भी मारे गए, वहीं दिनभर चले अभियान के बाद तीनों आतंकवादी भी मार गिराए गए। मोदी सरकार के आने के बाद यह पहला बड़ा आतंकी हमला माना जाता है।

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