बॉर्डर पर बढ़ता रहा तनाव, शहादत की खबर मिलते ही बेसुध रह गयी पत्नी

देश की रक्षा के दौरान गलवां घाटी में प्राण न्योछावर करने वाले हवलदार बिपुल रॉय का मेरठ की क्रांतिकारी धरती से नाता जुड़ गया है। उनका परिवार मेरठ में ही कंकरखेड़ा की कुंदन कुंज कॉलोनी में रहता था। परिवार में पत्नी रुम्पा रॉय और पांच साल की बेटी तमन्ना हैं। भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ रहा था तो यहां रुम्पा रॉय का दिल धड़क रहा था। वे पति की सलामती की प्रार्थना करती रहीं। बुधवार सुबह पति की शहादत का पता चलने पर वे बेसुध हो गईं। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। कुंदन कुंज कॉलोनी के साथ ही शहर के लोगों ने ‘बिपुल रॉय अमर रहें’, ‘जब तक सूरज चांद रहेगा बिपुल रॉय तुम्हारा नाम रहेगा’ के नारे लगाए।जून की शुरुआत से ही भारत-चीन सीमा पर हलचल तेज हो गई थी। इन्हीं हलचलों को देखते हुए हवलदार बिपुल रॉय की पत्नी रुम्पा रॉय का दिल भी अनजाने डर से धड़कता रहता था। वह हर पल बस पति की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना करती रहती थीं।  एक सप्ताह पहले बिपुल ने पत्नी से फोन पर बात की थी।

बॉर्डर पर चीन व भारतीय सैनिकों के बीच तनातनी होने की बात भी कही थी। लेकिन उसके बाद से पति से बात न हो पाने से रुम्पा रॉय बेचैन रहती थीं। वे मकान मालिक से भी बस इस बारे में बात करती रहती थीं। जब बिपुल लद्दाख ड्यूटी करने गए थे तो मकान मालकिन से पत्नी और बेटी तमन्ना का ध्यान रखने के लिए कहा था। लेकिन आज जब वे हमेशा के लिए चले गए तो पत्नी बार-बार रुंधे गले से बस यही कह रही थीं कि अब हमारा ध्यान कौन रखेगा।पिछले दो दिनों से तो पत्नी रुम्पा काफी चिंतित थी। बिपुल से बात न हो पाने के कारण वह बार-बार फोन लगा रही थी। लेकिन बात नही हो पा रही थी।

वहीं मंगलवार सुबह खबर चलते ही रुम्पा रॉय बेचैन हो गईं। वह टीवी पर नजर बनाए हुईं थीं। मंगलवार रात करीब 11 बजे 20 जवानों की शहादत की खबर सुनकर वे और परेशान हो गईं। पांच साल की बेटी भी बार-बार मम्मी से पूछती रही कि आप चुप-चुप क्यों हो जाती हो। लेकिन वह बेटी से बोल पड़तीं और कहतीं कि पापा आपके जन्मदिन पर आने वाले हैं।

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