नहीं खत्म हो रही निपाह वायरस की टेंशन, अब ये ढ़ूंढेंगे बचने का तरीका

कोझीकोड। प्राण घातक निपाह वायरस के स्रोत की पहचान करने के लिए केंद्रीय दल के यहां पहुंचने की उम्मीद है। केरल के इस जिले में बीते महीने निपाह से 13 लोगों की मौत हो गई थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय पशुपालन आयुक्त की अगुआई वाली टीम विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेगी।

यहां आसपास के इलाकों के चमगादड़ व दूसरे जानवरों के नमूनों के विश्लेषण से स्रोत के पहचान के पहले के सभी प्रयास विफल रहे हैं। निपाह वायरस की जांच में सकारात्मक पाए गए दो मरीजों को इलाज के सख्त प्रोटोकॉल के पालन से बचाया जा सका है।

केंद्रीय दल यहां के आसपास के सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों से चमगादड़ की विभिन्न किस्मों के नमूनों के अलावा दूसरे पालतू जानवरों का नमूना फिर से एकत्र करेगी। केरल से फैले इस वायरस ने सबको परेशान करके रख दिया है। आम जनता से लेकर सरकार तक निपाह वायरस से निजात पाने के तरीके ढ़ूंढ रहे हैं।

हाल ही में कहा गया था कि यह केरल में चमगादड़ और सूअर से फैला है लेकिन जांच के बाद इस बात की पुष्टि कर दी गई थी इन जानवरों में निपाह वायरस का कोई भी अंश नहीं पाया गया है। वायरस चमगादड़ से फैला है इस बात की जांच जब पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने की तो अध्ययन के बाद इस बात से इन्कार कर दिया गया।

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