सालों में दीमक खा गये पूरा गांव, हाथ से बाहर हुई समस्या

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देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के एक पूरे गांव को दीमकों ने चाट कर खत्म कर दिया। यहां पर दिमकों का इस कदर प्रकोप और खौफ है कि लोग गांव से पलायन करने को भी मजबूर है। वहीं, जो कुछ लोग इस गांव में बचे है वे फर्नीचरों को दुरुस्तय कराने में और खरीदने के लिए मजबूरन पैसे खर्च करने को मजबूर है।

यहां तक इस गांव के घरों की छतों पर भी दीमकों ने डाका डाल रखा है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार इस गांव में रहने वाली पुष्पा देवी ने अपने घर के मुख्य दरवाजे का दिखाते हुए कहा कि दीमकों ने सब बर्बाद कर डाला है। दरवाजे ही नहीं घर में लगी खिड़कियों को देखो इसे भी दीमकों ने खत्म कर डाला है। इन्हीं के डर से यहां कोई नया फर्नीचर नहीं खरीदता, क्योंकि दीमक उसे जल्दी बर्बाद कर मिट्टी में मिला देते हैं।

वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि, जंगलों के काटने और घर में फर्नीचर बनाने में इस्तेमाल होने वाली कुछ खास  किस्मों की लकड़ी से ही यह समस्या बनी है। लेकिन साथ में यह भी कहना है कि यह घटना अपने आप में अनोखी है और उसके लिए विस्तृत अध्ययन की जरूरत होगी। क्योंसकि यह धीरे-धीरे एक बड़ी समस्या का रूप भी ले सकती।

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कुछ विशेषज्ञों ने दीमकों को भगाने के लिए केले के पेड़ को लगाने के लिए कहा लेकिन यह भी कारगर साबित नहीं हुआ। कुछ लोगों के माध्यम से बताया जा रहा है कि यह समस्याे आज से 45 साल पहले शुरु हुई थी। जो अब हाथ से बाहर निकल चुकी दिखाई दे रही है।

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