दिल्ली पुलिसे ने आतंकी गुरसेवक को किया गिरफ्तार, दिल्ली में 50 से ज्यादा आतंकी घटना को दे चूका है अंजाम

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नई दिल्ली। 50 से अधिक वारदातों में शामिल लंबे समय से फरार एक आंतकी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। 53 साल का गुरसेवक उर्फ बबलू खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़ा हुआ है और भिंडरावाले का भी निकट सहयोगी रहा है। पुलिस ने आतंकी गुरसेवक की गिरफ्तारी उस वक्त की, जब वह वह दिल्ली के आइएसबीटी पर अपने करीबी से मिलने आया था।

एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) के मुताबिक, गुरसेवक की गिफ्तारी को दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि आरोपित 50 से अधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। इनमें पुलिस अधिकारियों की हत्या, गुप्त सूचनाएं देने, बैंक लूट जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहा है।

पुलिस के मुताबिक, शातिर गुरसेवक विभिन्न आपराधिक वारदातों के चलते 26 साल से अधिक समय तक जेल में भी रहा है। इतना ही नहीं, वह पाकिस्तान से संबंधित आतंकों समूहों के संपर्क में था। गुरसेवक खालिस्तानी कमांडो फोर्स (KCF) का सक्रिय आतंकी है।

इसने अपने दौर में 50 से ज्यादा आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया था। 1980 के दौर में जब पंजाब में हो रही आतंकी गतिविधियों के दौरान इसने पुलिस अधिकारियों की हत्या, बैंक और पुलिस थानों में डकैती की घटनाएं की थीं। यह आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाला का करीबी भी रहा है, जिसे 1984 भारतीय सेना ने मार गिराया था।

आठ पुलिसकर्मियों की हत्या

वर्ष 1986 में खालिस्तान कमांडो फोर्स के सरगना जरनल लाभ सिंह, गुरिंदर पाल सिंह और स्वर्णजीत सिंह को पुलिस हिरासत से मुक्त करवाने के लिए उसने अपने साथियों सहित पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इस हमले में उन्होंने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। यह वारदात उन्होंने जालंधर की अदालत परिसर में की थी।

पाकिस्तान के खुफिया संगठन ISI की मदद से बना संगठन

यहां पर बता दें कि वर्ष 1984 में भारतीय सेना ने जब आपरेशन ब्लू स्टार में भिंडरावाले को मार दिया तो उसके अधिकांश साथी पाकिस्तान भाग गए, जहां उन्हें इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आइएसआइ) ने संरक्षण दिया था। आइएसआइ की मदद से बाद में इन आतंकियों ने खालिस्तान कमांडो फोर्स, बब्बर खालसा और भिंडरावाले टाइगर फोर्स आदि संगठन बनाए।

गुरसेवक सिंह कुख्यात आतंकी मनवीर सिंह छेदू के साथ मिलकर खालिस्तान कमांडो फोर्स का सदस्य बन गया था। इसके बाद वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा। उसने दर्जनों ऐसे लोगों की हत्या की जिनके भारतीय सुरक्षा एजेंसी के मुखबिर होने का शक था। इसके अलावा पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में उसने कई डकैती की वारदातों को अंजाम दिया।

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