टेरर फंडिंग केस में कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट, आतंकी हाफिल सईद और सलाउद्दीन का नाम शामिल

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नई दिल्ली। साल 2011 में कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हवाला के जरिए विदेशी धन को पहुंचाया गया था। पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर पैसे भेजने के इस मामले को टेरर फंडिंग का नाम दिया गया था। अब इस मामले पर छानबीन करने के बाद गुरुवार को एनआईए द्वारा दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल चीफ सैयद सलाउद्दीन के अलावा कई अन्य नाम भी शामिल है।

इन-इन लोगों के नाम दाखिल की गई चार्जशीट

लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख व हिजबुल चीफ के अलावा इस चार्जशीट में आफताब हिलाली, अयाज अकबर खांडे, फारुक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट उर्फ पीर सैफुल्लाह और जहूर वताली के नाम शामिल हैं। एनआईए द्वारा इस मामले में गिरफ्तार किए गए 7 कश्मीरी अलगाववादियों व एक व्यापारी की न्यायिक हिरासत की आज अतिंम तारीख है। जिसे मद्देनजर रखते हुए एनआईए ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और देश के खिलाफ युद्ध भड़काने की विभिन्न धाराओं के तहत उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।

एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि अलगाववादियों पर राज्य में युद्ध भड़काने या युद्ध भड़काने का प्रयास करने के आरोप में धारा 121 और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में धारा 120बी सहित गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपी अधिनियम-1967) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए जाएंगे।

बुरहान वानी के मारे जाने पर भड़की हिंसा में हुई थी टेरर फंडिंग

हिजबुलल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में भारी हिंसा हुई थी। 2017 में घाटी में हिंसा के लिए आतंकी संगठनों से फंडिंग होने का शक जताया गया था, जिसके बाद एनआईए ने इस मामले में केस दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद एनआईए ने कट्टरपंथी अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश, हुर्रियत नेता शाहिद उल इस्लाम, अयाज अकबर समेत तमाम अन्य को गिरफ्तार किया था। एनआईए की एफआईआर में पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद का भी नाम शामिल किया गया था। मामले में चर्चित कारोबारी जहूर अहमद वताली को भी गिरफ्तार किया गया था।

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