इस हद तक गिर गया टेस्ट क्रिकेट का स्तर, इस साल तो बन गया रिकॉर्ड

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नई दिल्ली। क्रिकेट में जब से टी-20 फ़ॉर्मेट ने कदम रखा है तब से बहुत कुछ बदल गया है। बल्लेबाज जमकर मैदान पर रन बरसते नजर आते हैं। अब टी-20 में शतक और वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक पड़ना आम हो गया है। टेस्ट क्रिकेट पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिलता था। एक ऐसा दौर था जब टेस्ट मैचों कि परिणाम बड़ी मुश्किल से निकलते थे लेकिन अब लगभग हर मैच का परिणाम सामने आता है।

2017 में आए सबसे ज्यादा टेस्ट रिजल्ट

इतना ही नहीं टेस्ट बल्लेबाजों का स्तर इतना नीचे गिर गया हहै कि कई मैच मात्र तीन दिनों के अंदर ही खत्म हो जाते हैं।  साल 2017 की बात करें तो टेस्ट मैचों की रिजल्ट के मामले में इस साल सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। इस साल सबसे ज्यादा 89.2 प्रतिशत टेस्ट मैचों के परिणाम निकले हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल अबतक इस साल अबतक कुल 37 टेस्ट खेले गए, जिसमें से 33 टेस्ट मैचों के रिजल्ट सामने आए हैं हैं। यह सिलसिला भारत ने मार्च में अपने घर में आस्ट्रेलिया को हरा कर शुरू किया था और खत्म जिम्बाब्वे-वेस्टइंडीज के बीच हुए दूसरे टेस्ट मैच के ड्रॉ रहने पर हुआ है।

सिर्फ 4 टेस्ट मैचों के नहीं निकले परिणाम

इस दौरान सिर्फ चार टेस्ट मैचों के परिणाम नहीं निकल सके। जिनमें भारत और आस्ट्रेलिया के बीच रांची में खेला गया टेस्ट मैच, डुनेडिन तथा हेमिल्टन में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच बारिश के कारण रद्द हुए मैचों के अलावा जिम्बाब्वे-वेस्टइंडीज के बीच बुलवायो में खेला गया दूसरा मैच भी शामिल है।

वहीं पिछले कुछ वर्षो में टेस्ट में परिणाम ज्यादा आने लगे हैं। 2016 में कुल 47 टेस्ट मैचों में से 40 के परिणाम निकले और प्रतिशत 85.1 रहा। 2015 में 43 में से 34 के परिणाम निकले और प्रतिशत 79.1 रहा। 2014 में 80.5 फीसदी टेस्ट मैचों के परिणाम निकले। इस साल 37 मैचों में से 33 के परिणाम निकले।

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