टीईटी आवेदन में सुधार करने का आखिरी मौका

इलाहाबाद।  यूपी-टीईटी 2015 के आवेदन में यदि कोई कमी रह गई है, तो उसे सुधारने के लिए चार जनवरी तक का मौका अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध कराया गया है।  टीईटी परीक्षा करवा रही परीक्षा नियामक प्राधिकारी की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि प्रविष्टियों में संशोधन संबंधित दिशा-निर्देश एवं शर्तें वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

ये आखिरी मौका है

दिशा-निर्देश अच्छे से पढऩे के बाद संशोधन कर फाइनल सेव करने से पहले अपनी प्रविष्टियों के संशोधन को दोबारा चेक कर लें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए आवेदक स्वयं उत्तरदायी होगा। इस संबंध में सुधार के लिए कोई भी मौका नहीं मिलेगा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने बताया कि प्रविष्टियों में संशोधन संबंधित दिशा-निर्देश एवं शर्तें वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

साढ़े नौ लाख ने किया आवेदन
यूपी-टीईटी 2015 के लिए 9,42,552 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 12,57,908 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन अंतिम तिथि 29 दिसम्बर तक 9,42,552 ने ही फीस जमा की है। अभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक में आवेदन का अलग-अलग आंकड़ा नहीं मिल सका है। दो फरवरी को प्रस्तावित परीक्षा के लिए केन्द्र निर्धारण का काम शुरू हो गया।

इलाहाबाद में सबसे ज्यादा पंजीकरण
पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा  रजिस्ट्रेशन इलाहाबाद में हुआ है। जिले से कुल 76,487 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया हैं।  प्राइमरी में 16,324 और अपर प्राइमरी में 60,163 फार्म जमा हुए। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव से मिली जानकारी के मुताबिक  टीईटी 2015 के लिए 12.32 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।

बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र भी शामिल
प्राइमरी टीईटी के लिए एक से पांच तक तीन लाख 50 हजार 729 पंजीकरण हुए हैं। इनमें डेढ़ से पौने दो लाख बीटीसी, बीएलएड, डीएड स्पेशल एजुकेशन आदि सहित पौने दो लाख के आसपास संख्या बचती है। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षामित्र प्राइमरी स्तर की परीक्षा के आवेदन योग्य हैं। माना जा रहा है कि शिक्षामित्रों ने खासी रुचि ली है। उच्च प्राथमिक स्तर के लिए बीएड वालों ने पंजीकरण कराया है।

विधान सभा चुनाव 2017 से पहले भरी जाएगी सभी सीटें

विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार शिक्षक पद की खाली सभी सीटें भरना चाहेगी। इसके लिए टीईटी पास होना अनिवार्य है। इस वजह से टीईटी 2015 में  अभ्यर्थियों की संख्या बढऩे की संभावना है
बीते ढाई साल से यह परीक्षा नहीं हो पाई है। इसलिए भी अभ्यर्थियों की संख्या अधिक रहेगी और यह आंकड़ा पंद्रह लाख तक पहुंच सकता।

 

 

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