इसलिए सिर्फ लोगों के चिढ़ाने की वजह से हो जाता है प्यार…

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नई दिल्ली: कहते हैं कि प्यार सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि एक अहसास है, जो कब किसको किसके लिए महसूस होने लगे कोई अंदाजा नहीं। लेकिन यह सिर्फ कहने की बात ही नहीं, बल्कि एक सच्चाई है जिसके उदाहरण कई बार हमें अपने आसपास देखने को मिल जाते हैं। हो सकता है कि आपने भी अपने आसपास कुछ ऐसा महसूस किया हो या हो सकता है कि आपने कभी ध्यान न दिया हो। यही वजह है कि जब आप किसी के नाम को किसी के साथ बार-बार जोड़ते हैं, तो कहीं न कहीं उन दोनों के बीच में नजदीकी बच जाती है।

जी हां, कई ऐसे प्रेमी जोड़े हैं जो पहले एक-दूसरे के सिर्फ अच्छे दोस्त होते हैं लेकिन जब उनके आस पास के लोग उन्हें प्रेमी बताकर चिढ़ाते हैं तो दोनों के बीच में नजदीकी बढ़ जाती है और दोनों सही में एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। अगर नहीं, तो चलिए आज हम उस वजह पर से पर्दा उठाते हैं जिसकी वजह से ऐसा होता है।

दरअसल, जब हम किसी व्यक्ति के नाम को किसी दूसरे के नाम से जोड़कर चिढ़ाते हैं, तो भले ही उनको शुरुआत में बुरा लगता हो लेकिन बाद में कहीं न कहीं वह इस बात को जरूर सोचने लगते हैं कि कहीं चिढ़ाने वाले की बात में सच्चाई तो नहीं। इसके बाद वह भी अपने उस साथी को एक पार्टनर के रूप में देखने लगता है और मौका आने पर प्रपोज भी कर देता हैं, क्योंकि दोनों पहले दोस्त होते हैं और एक दूसरे को अच्छी तरह से समझते हैं इसलिए अधिकतर उनका यह रिश्ता आगे बढ़ जाता है और दोस्ती प्यार में बदल जाती है।

ऐसा सिर्फ लड़के के साथ ही नहीं, बल्कि लड़की के साथ भी होता है। ऐसी फीलिंग्स उनके अंदर भी होती है लेकिन कई बार उन्हें अपने पुरुष दोस्त के पहल का इंतजार रहता है क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं यह बात फ़ैल गई तो समाज उसे गलत निगाहों से देखेगी लेकिन पुरुष से पहले प्रपोज करने पर उसे यह मालूम होता है कि एक शख्स उनके लिए आवाज उठाने के लिए तैयार है।

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