आरोपी ने लिया पुलिस वालों से बदला, फिरौती की मांग को लेकर 8 पुलिसकर्मियों पर मुक़दमा दर्ज

लखनऊ: जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे है वैसे-वैसे UP पुलिस के नए कारनामों का काला चिट्ठा खुल कर जनता के सामने आ रहा हैं। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आया है जहाँ 8 पुलिसकर्मियों पर कानपुर के काकादेव थाने में डकैती का मुक़दमा दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल लखनऊ के आठों पुलिसकर्मियों पर यह आरोप है की बीते जनवरी महीने मे DCP ईस्ट की टीम ने कानपुर के रहने वाले 8 युवकों को क्रिकेट में सट्टा खिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था और पुलिस वालों ने युवकों से 1 करोड़ रुपए मांग की थी, जिसके बाद पीड़ित युवकों ने पुलिस कर्मियों को 40 लाख रुपए देकर मामले को सुलटाने को कहा, लेकिन पुलिस वालों ने 40 लाख रुपए भी हज़म कर गए और 4 आरोपियों को गोमती नगर थाने से जेल में डाल दिया।

आपको बता दें कि 21 जनवरी को लखनऊ के DCP ईस्ट रहे संजीव सुमन की टीम ने गोमती नगर विस्तार से क्रिकेट मैच में ऑनलाइन सट्टा खिलाने के आरोप में कानपुर में रहने वाले मयंक सिंह, मयंक के मामा है जिनका नाम है दुर्गेश सिंह, उसके दोस्त आकाश गोयल और शमशाद अहमद को गिरफ्तार किया था और साथ ही पुलिस ने आरोप लगाया था कि शमशाद अहमद क्रिकेट मैच में लखनऊ से लेकर कानपुर तक ऑनलाइन सट्टा खिलाता है और इसका बहुत बड़ा नेटवर्क है

बता दें जेल की हवा खाने के बाद मयंक सिंह ने वर्तमान में SSP लखीमपुर और तत्कालीन DCP ईस्ट रहे संजीव सुमन की क्राइम टीम पर डकैती का मुकदमा ठोका है, और कोर्ट के आदेश के बाद कानपुर के काकादेव थाने में क्राइम टीम प्रभारी सब इंस्पेक्टर रजनीश वर्मा, देवकीनंदन, संदीप शर्मा, नरेंद्र बहादुर सिंह, रामनिवास शुक्ला, आनंद मणि सिंह, अमित लखेरा, और रिंकू सिंह पर डकैती का मुक़दमा दर्ज किया है।

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