अमेरिका के संसद भवन में ट्रंप समर्थकों की करतूत ने लोकतंत्र को किया शर्मसार: प्रमोद तिवारी

प्रयागराज: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र का दावा करने वाले अमेरिका के संसद भवन में ट्रंप समर्थकों की करतूत लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है। तिवारी ने गुरूवार को संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में जिस प्रकार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने पार्लियामेंट हाउस में घुसकर हिंसा की वह काफी निंदनीय है। भीड़ में शामिल लोग पिस्टल लहरा रहे थे, इस घटना में गोली लगने से एक महिला की मृत्यु भी हो गयी।

अमेरिका के लिए ये घटना बेहद शर्मनाक

प्रमोद तिवारी ने कहा कि दुनिया के इतिहास में यह शर्मनाक घटना के तौर पर याद रखी जायेगी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का दावा करने वाले अमेरिका में यह घटना उस समय हुई जब नव निर्वाचित राष्ट्रपति वाइडेन के चुनाव की मंजूरी की कार्यवाही चल रही थी।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत की विदेश नीति रही है कि वह किसी दूसरे देश के चुनाव में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप नहीं करता लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में वहां जाकर प्रचार कर विदेश नीति को आघात पहुंचाया है।

यह भी पढ़ें: नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बिडेन (Joe Biden) तनाव ख़त्म करने में सक्षम

प्रधानमंत्री के विदेश नीति पर भी सवाल

उन्होने कहा कि यह आश्चर्यजनक और दु:खद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में चुनाव प्रचार करते हुए उनकी उपस्थिति में “ अबकी बार ट्रंप सरकार” नारा लगाया था। ट्रंप के चुनाव प्रचार में सहयोग के लिए भारत बुलाकर अहमदाबाद (गुजरात) में “ नमस्ते ट्रंप’’ का कार्यक्रम भी कराया था।

उन्होने कहा,“ मैं प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह करता हूं कि वे भविष्य में पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी की बनायी विदेशी नीति का अनुसरण करें। उस लीग से अलग हटना पार्टी का ही नहीं बल्कि देश का मामला बन जाता है। जब देश का प्रधानमंत्री ऐसा करता है, उससे देश प्रभावित होता है।”

यह भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव को दिए निर्देश

Related Articles