सबसे सही टूथब्रश से बनी रहती है आपके दांतों और मसूड़ों की सेहत, इस तरह चुनें ब्रश

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टूथब्रश ऐसी चीज है जिसकी जरूरत तो हमें रोज होती है लेकिन इसे खरीदने की बारी आती है तो सबसे ज्यादा लापरवाही भी लोग इसी को लेकर करते हैं। कई लोग सस्ते के चक्कर में पड़ जाते हैं तो कुछ पॉप्युलर विज्ञापन देख बस उसी का ब्रश खरीद लेते हैं। टूथब्रश खरीदने के दौरान अगर कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो यकीन मानिए आप इस तरह का ब्रश ले सकेंगे जो आपके दांतों की ज्यादा बेहतर तरीके से सफाई कर सकेगा।

यह कई स्टडीज में भी प्रूव हो चुका है कि बेस्ट टूथब्रश वही है जिसके ब्रिसल्स सॉफ्ट हों। ऐसे ब्रिसल्स दांतों को ज्यादा बेहतर तरीके से साफ करने में मदद के साथ ही मसूड़ों को भी डैमेज नहीं करते हैं। वहीं अगर ब्रिसल्स हार्ड होंगे तो मसूड़े छिल सकते हैं जो ब्लीडिंग की समस्या को जन्म देगा। इतना ही नहीं यह सेंसिटिविटी की प्रॉब्लम को भी बढ़ा देता है।

ऐसा टूथब्रश लें जिसका हेड पार्ट चौड़ा नहीं बल्कि पतला हो। नैरो हेड होने से ब्रेश ज्यादा अंदर तक जाते हुए सबसे पीछे के दांतों को भी साफ कर पाता है, वहीं ब्रश का सिरा चौड़ा हो तो पीछे के दांतों पर प्लॉक जमा का जमा रह जाता है जो सड़न की वजह बन सकता है।

मार्केट में कई तरह के ब्रश आते हैं जिनमें से कुछ में रबर ग्रिप होती है और कुछ में नहीं। बेहतर चॉइस ग्रिप वाले ब्रश हैं क्योंकि ये पकड़ को बनाए रखने में मदद करते हुए दांतों को बेहतर तरीके से साफ करने में मदद करते हैं।

बच्चों के लिए अगर ब्रश चुन रहे हैं तो किड्स के लिए आने वाले टूशब्रश ही लें। ये ब्रश खासतौर पर चिल्ड्रन के लिए डिजाइन होते हैं ताकि मुंह की सफाई भी हो जाए और बच्चे के दांतों या मसूड़ों को किसी तरह का नुकसान भी न पहुंचें।

बिना ब्रैंड नेम का ब्रश लेने की भूल न करें। इस तरह के ब्रश के ब्रिसल्स से लेकर किसी चीज की टेस्टिंग नहीं हुई होती है और इन्हें महज बेचने के लिहाज से बाजार में उतारा जाता है। ऐसे में यह गम्स हेल्थ के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। अक्सर लोग ऐसे ब्रश ले लेते हैं जिनका मार्केट में जमकर प्रचार हो रहा होता है, लेकिन ऐसा करना सबसे बड़ी गलती है।

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