19 महीने बाद उठा पर्दा, नोटबंदी अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला

नई दिल्ली: जिस नोटबंदी को केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत मोदी सरकार काले धन और भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ी चोट करार दे रही है, उसी नोटबंदी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि नोटबंदी के दौरान सबसे ज्यादा पुराने नोट अमित शाह के नेतृत्व में चल रहे सहकारी बैंक में जमा करवाए गए हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया है।

दरअसल, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने शुक्रवार को इस मामले में बीजेपी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर जमकर हमला बोला। एक प्रेस कॉन्फेंस को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला है, जिसपर से 19 महीने बाद पर्दा उठ चुका है। उन्होंने कहा कि अब काला धन सफ़ेद करने के इस धंधे का पर्दाफ़ाश हो चुका है।

सुरजेवाला ने बताया कि गुजरात में बीजेपी नेताओं द्वारा चलाए जा रहे 11 जिला सहकारी बैंकों में नोटबंदी के दौरान सिर्फ 5 दिनों में 14,300 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

इसके पहले आरटीआई से मिली एक जानकारी में बताया गया था कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जिस सहकारी बैंक के निदेशक हैं, वह नोटबंदी के दौरान सबसे ज्यादा 500 और 1000 रुपये के प्रतिबंधि‍त नोट जमा करने वाला जिला सहकारी बैंक था।

मोदी सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें चलन से बाहर कर दिया था। मुंबई के एक आरटीआई कार्यकर्ता मनोरंजन एस। रॉय को जानकारी मिली है कि अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा करने के महज पांच दिन के भीतर 745।59 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित नोट प्राप्त किए थे।

नोटबंदी की घोषणा के पांच दिन बाद 14 नवंबर 2016 को सभी जिला सहकारी बैंकों को लोगों से प्रतिबंधित नोट जमा लेने से मना कर दिया गया था, क्योंकि यह आशंका जताई गई थी कि सहकारी बैंकों के जरिए काले धन को सफेद किया जा सकता है।

अमित शाह उस समय बैंक में निदेशक पर थे और वह कई साल से इस पद पर बने हुए हैं। वह 2000 में बैंक के अध्यक्ष भी रहे हैं। एडीसीबी के पास 31 मार्च 2017 को कुल 5,050 करोड़ रुपये जमा थे और वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक का शुद्ध मुनाफा 14।31 करोड़ रहा।

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