मुरादाबाद में कुंदनपुर गांव के ग्रामीणों द्वारा लोकसभा चुनाव का बहिष्कार, ये पहला मामला नही

मुरादाबाद: अगर चुनाव की बात की जाये तो यही वो मौका होता है जब नेताओ को जनता की याद आती है| फिर धुप हो या छाव, दिन हो या रात ,गर्मी हो या बरसात नंगे पैर ही चल देते हैं झोपड़ पट्टियों की ओर जनता से वोट मांगने, फिर चाहें जनता की गालिया ही क्यों न सुनने को मिले|

मुद्दा है मुरादाबाद के कुंदनपुर गांव का जहाँ लोगों द्वारा मतदान बहिष्कार की धमकी दी गयी  है। ग्रामीणों को कहना है कि उन्होंने गांव में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यह फैसला लिया है। गांववालों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से ना तो लाइट है न ही सड़क की सुविधा उपलब्ध है। कई बार जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में गुहार लगाई गई, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला।

गांववालों का ये भी कहना है कि उन्होंने सभी पार्टी के नेताओं से इस संबंध में अपील की, लेकिन सभी ने उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन किसी ने भी कोई ठोस पहल अभी तक नहीं की है। उनको सड़क और लाइट की सुविधा न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना रहा है।

अपनाी समस्याओं का निराकरण न होने से गांववालों ने अपने घर की दीवार पर मतदान के बहिष्कार से संबंधित पोस्टर लगा दिए हैं।

यहाँ हम आप को एक जानकारी और देदें की ये पहला ऐसा मामला नही है जहाँ इस तरह के पोस्टर देखने को मिले हैं| इसके पहले प्रियंका गाँधी वाड्रा का अमेठी में पोस्टर लगा के उनका विरोध किया जा चूका है जो मीडिया जगत में सुर्ख़ियों में था| और ठीक ऐसा ही एक मामला बांसगाव के गगहा छेत्र से भी आया था जहा लोगो ने मौजूदा सांसद कमलेश पासवान का इसी तरह पोस्टर लगा के विरोध किया था|

इस तरह के तमाम विरोधो के बाद भी इन नेतावो में सुधर आएगा या नही या इनको लगता है की जनता गलत है और ये सही इस बात की पुष्टि तो चुनाव ही करेगा|

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