बुलेट ट्रेन को भी फेल कर देगी यह तकनीक, दो मिनट में कर सकेंगे कई घंटों का सफ़र

0

नई दिल्ली। पहले के समय जहां लोग पैदल सफर किया करते थे, वही बदलते समय के साथ लोगो को वाहन की सुविधा हो गई, जिससे लोग मीलो की दूरी मात्र कुछ घंटो या फिर दिनों में तय करने लगे। लेकिन अब टेक्नोलाजी इस कदर आगे बढ़ चुकी है कि उन्ही सारे दिनों और घंटो का मात्र कुछ मिनटो में समेट दिया गया है। और अब यही टेक्नोलॉजी भारत में भी दस्तक देने जा रही है।

 

देश की आंध्र प्रदेश सरकार इस ओर पहल करने जा रही है। आध्र प्रदेश में एक ऐसी तकनीक का प्रयोग होने जा रहा है, जिससे घंटो की दूरिया मात्र चंग मिनटों में सिमट जाएगी। हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलाजी की मदद से आंध्रप्रदेश के दो शहरों की दूरी 70 मिनट से मात्र 5 मिनट हो जाएगी ।यह  दूरी आध्रप्रदेश के दो शहर अमरावती और विजयवाड़ के बीच की होगी।

क्या है तकनीक और कैसे करेगी काम

मीलों की दूरी मिनटों में समेटने वाली यह तकनीक हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी के नाम से जानी जाती है। इस तकनीक में एक पॉड नुमा व्हीकल के जरिए वैक्यूम ट्यूब की मदद से ट्रांसपोर्टेशन किया जाता है।  इसकी रफ़्तार 1,100 Km/h या उससे अधिक होती है। इस तकनीक के साथ दिल्ली से मुंबई महज़ 55 मिनट, मुंबई से चेन्नई 55 मिनट और बेंगलुरु से चेन्नई सिर्फ 20 मिनट में पहुंचा जा सकता है।

आपको बताते चले की इस तकनीक को शुरू करने के लिए इकनोमिक डेवलपमेंट बोर्ड ने हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी के साथ समझौता किया है। यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत शुरू किया जाने वाला प्रोजेक्ट है। जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट की शुरुआत अक्टूबर में की जाएगी। इसके लिए 6 महीने तक रिसर्च वर्क किया जाएगा। आपको बताते चले यह भारत में एचएचटी तकनीक से शुरू होने वाला पहला प्रोजेक्ट है। हाइपरलूप टेक्नोलॉजी एलोन मस्क की तकनीक है। मस्क दुनिया की चर्चित इलेक्ट्रानिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीइओ है।

 

 

 

loading...
शेयर करें